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CJI गवई के ऊपर हमले की कोशिश पर आया PM मोदी का बयान, बोले- 'हमारे समाज में ऐसे कृत्यों के लिए...'

 Published : Oct 06, 2025 08:48 pm IST,  Updated : Oct 06, 2025 10:43 pm IST

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के ऊपर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की। इस घटना से हर कोई हैरान है। अब पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए बयान जारी किया है।

Justice gavai attacked pm modi- India TV Hindi
CJI पर हमले के मुद्दे पर बोले पीएम मोदी। Image Source : PTI

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को ऐसी घटना देखने को मिली जिससे पूरा देश हैरान हो गया है। जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की गई। आरोपी राकेश किशोर जो कि पेशे से वकील है उसे हिरासत में ले लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जूता फेंकने की कोशिश से पहले वकील ने चिल्लाते हुए कहा, 'सनातन का अपमान नहीं चलेगा।' अब इस पूरी घटना पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी सामने आया है।

क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने ट्वीट कर के कहा- "भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बीआर गवई जी से बात की। आज सुबह सुप्रीम कोर्ट परिसर में उन पर हुए हमले से हर भारतीय में गुस्सा है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।' यह पूरी तरह निंदनीय है। मैंने ऐसी स्थिति का सामना करने में न्यायमूर्ति गवई द्वारा प्रदर्शित शांति की सराहना की। यह न्याय के मूल्यों और हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।"

मल्लिकार्जुन खरगे ने की निंदा

इस घटना पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- "आज उच्चतम न्यायालय में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश पर हमले का प्रयास शर्मनाक और घृणित है। यह हमारी न्यायपालिका की गरिमा और कानून के शासन पर हमला है। जब योग्यता ईमानदारी और दृढ़शक्ति के माध्यम से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचे व्यक्ति को इस तरह से निशाना बनाया जाता है, तो यह एक बहुत परेशान करने वाली बात है। यह उस व्यक्ति को डराने और अपमानित करने के प्रयास को दर्शाता है जिसने संविधान को बनाए रखने के लिए सामाजिक बाधाओं को तोड़ा है।’’ खरगे ने कहा कि इस तरह की हरकत से पता चलता है कि पिछले एक दशक में नफरत और कट्टरता ने हमारे समाज को किस तरह से अपनी चपेट में ले लिया है। कांग्रेस की ओर से मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हमारी न्यायपालिका की सुरक्षा और संरक्षा सर्वोपरि है। न्याय और तर्क को प्रबल होने दें, भय को नहीं।"

सोनिया गांधी ने क्या कहा?

इस घटना पर सोनिया गांधी ने कहा- "उच्चतम न्यायालय में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश पर हुए हमले की निंदा करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं हैं। यह न केवल उनपर (सीजेआई पर), बल्कि हमारे संविधान पर भी हमला है। प्रधान न्यायाधीश गवई बहुत सहृदय हैं, लेकिन राष्ट्र को गहरी पीड़ा और आक्रोश के साथ एकजुट होकर उनके साथ खड़ा होना चाहिए।"

शरद पवार भी बोले

शरद पवार ने कहा- "न्यायपालिका लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को बनाए रखने के लिए है। न्याय की सर्वोच्च संस्था (उच्चतम न्यायालय) में भारत के प्रधान न्यायाधीश पर हमला करने का प्रयास न केवल न्यायपालिका पर हमला है, बल्कि हमारे लोकतंत्र, हमारे संविधान और हमारे राष्ट्र का गंभीर अपमान है।’’ संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए, राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हमारे देश में फैलाया जा रहा जहर अब सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं का भी सम्मान नहीं करता। यह देश के लिए खतरे की घंटी है।"

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