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हेट स्पीच पर SC का केंद्र और राज्यों को सख्त निर्देश, 'नफरत फैलाने वाले कंटेंट बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे, तुरंत लगाम लगाएं'

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jul 14, 2025 04:18 pm IST,  Updated : Jul 14, 2025 04:42 pm IST

हेट स्पीच के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश जारी किया है और कहा है कि नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर लगाम लगाएं लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी बनी रहनी चाहिए। जानें सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

हेट स्पीच मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- India TV Hindi
हेट स्पीच मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश Image Source : FILE PHOTO

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को हेट स्पीच पर सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि नफरत फैलाने वाले भाषणों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इस पर लगाम लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायत दर्ज होने का इंतजार किए बिना, पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर FIR दर्ज करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।  कोर्ट ने कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषणों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह एक "बड़ा खतरा" बनता जा रहा है जिसे बढ़ने से रोकना होगा। नफरती भाषण पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

नफरती भाषणों पर तुरंत लगाएं रोक

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रहे नफरती भाषण चिंताजनक हैं और इन पर लगाम लगाने की सख्त जरूरत है। इन दिनों 'अभिव्यक्ति की आजादी' के नाम पर सब कुछ जायज ठहराने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद खतरनाक है। कोर्ट ने कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषणों से देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को खतरा है और इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। 

कोर्ट ने मीडिया को भी जमकर फटकार लगाई


सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे IPC की धारा 153A, 153B, 295A और 505 के तहत स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें, भले ही कोई शिकायत दर्ज न हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि कार्रवाई करने में किसी भी तरह की हिचकिचाहट को सुप्रीम कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। कोर्ट ने मीडिया, खासकर टीवी चैनलों को भी फटकार लगाई है और कहा है कि एंकरों की यह जिम्मेदारी है कि वे नफरत फैलाने वाले भाषणों को रोकें। कोर्ट ने कहा कि सरकार को हेट स्पीच के मुद्दे को तुच्छ नहीं मानना चाहिए और इसे रोकने के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहिए। 

 

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