नई दिल्ली: इंडिया टीवी के 'She' Conclave में राज्यसभा सांसद जया बच्चन और प्रियंका चतुर्वेदी खास मेहमान थे। उन्होंने महिलाओं के मुद्दे पर खुलकर बात की। जया बच्चन ने अपने सिनेमा से संसद तक के सफर के बारे में बात की और बताया कि वह सेना में जाना चाहती थीं लेकिन उस समय सेना में महिलाओं की एंट्री नहीं थी। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने भी बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह राजनीति में आएंगी।
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जया बच्चन ने और क्या कहा?
जया बच्चन ने कहा, 'मैं नेता नहीं बन सकती, कार्यकर्ता बन सकती हूं। मेरे अंदर नेता वाले कोई गुण नहीं हैं। मेरे अंदर फिल्मों में एक्टिंग के सारे गुण हैं। महिलाओं का राजनीति में आना जरूरी है। समाज बदलने के लिए महिलाएं राजनीति में आएं।' उन्होंने कहा, 'महिलाओं का प्रतिनिधित्व राजनीति में बढ़ना चाहिए। महिलाओं जितनी प्रोग्रेसिव सोच किसी की नहीं है। समाज और पॉलिटिक्स में काफी अंतर होता है। पहले राज्यसभा में राजनीति नहीं होती थी। राज्यसभा में राजनीति होना दुर्भाग्यपूर्ण है।'
जया बच्चन ने कहा, 'समाजवादी पार्टी ने मुझे पूरी छूट दी है। सपा में मुझे सोचने और बोलने की पूरी छूट है। मैं एक्टर हूं सिर्फ इसलिए संसद तक नहीं पहुंची। मुलायम सिंह यादव जमीन से जुड़े नेता थे। समाज के लिए कुछ करने के लिए राजनीति में आई थी। लेकिन BJP नेता नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव जीतते हैं। आज कल प्रोपेगेंडा फिल्में बन रहीं हैं। आज कल सियासी दल भी फिल्म बना रहे हैं। मैं बिना किसी डर के अपनी बात रखती हूं। युवा महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़नी चाहिए।'

प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'कभी सोचा नहीं था कि राजनीति में आऊंगी। 26/11 हमले के बाद जीवन की दिशा बदली है। कम्युनिटी सर्विस के बाद राजनीति में आई हूं। महिलाओं की पॉलिसी मेकिंग में भागीदारी बढ़नी चाहिए। सियासी दल महिलाओं को राज्यसभा भेजने से बचते हैं। राज्यसभा के लिए पुरुषों को तरजीह दी जाती है। शिवसेना(UBT) ने मुझे हमेशा बोलने का मौका दिया है। लोकसभा चुनाव में सेलिब्रिटीज को टिकट मिलता है। सेलिब्रिटीज का कैंपेन स्टाइल बदल चुका है। ED, CBI का लोगों के अंदर डर है।'
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'मुझे हिंदुत्व का किसी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। सत्ता का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। कंगना रनौत अचानक से राजनीति में नहीं आईं। कंगना का राजनीति का एजेंडा पहले से सेट था। कंगना की राजनीति की शुरुआत पहले से हुई।'
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'कंगना ने सबसे पहले बॉलीवुड को टारगेट किया। कंगना ने फिर सियासी दलों को निशाना बनाया। महिलाओं के राजनीति में आने का गोल्डन मौका। राष्ट्र निर्माण के लिए महिलाएं राजनीति में आएं। महिलाएं खुद पर विश्वास रखकर आगे बढ़ें।'