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केरल के मंदिर में हुए हादसे की जांच करेगी एसआईटी, 150 लोग हुए थे घायल

 Edited By: Amar Deep
 Published : Oct 29, 2024 09:45 pm IST,  Updated : Oct 29, 2024 09:45 pm IST

केरल के कासरगोड जिले में हुए हादसे की जांच एसआईटी करेगी। मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन के निर्देश दे दिए गए हैं। बता दें कि इस हादसे में 150 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

केरल के मंदिर में हुए हादसे की जांच करेगी एसआईटी।- India TV Hindi
केरल के मंदिर में हुए हादसे की जांच करेगी एसआईटी। Image Source : X

कासरगोड: जिले में नीलेश्वरम के पास एक मंदिर में तेय्यम नृत्य के दौरान हादसा हो गया। यहां सोमवार देर रात आग लगने से 150 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में से कई की हालत गंभीर भी बताई जा रही हैं। वहीं अब इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। बताया जा रहा है कि आग लगने की घटना पास में ही रखे गए पटाखों में विस्फोट के कारण हुई। वहीं अब कासरगोड जिला पुलिस प्रमुख डी. शिल्पा ने आग लगने की घटना की जांच के लिए एसआईटी के गठन की घोषणा की है। 

विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज

जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि अतिरिक्त संभागीय मजिस्ट्रेट को घटना की अलग से जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने बताया कि कासरगोड में नीलेश्वरम के पास अंजुत्तनबलम वीरेरकावु मंदिर में ये हादसा हुआ है। वहीं नीलेश्वरम पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 

आतिशबाजी में नहीं बरती गई सावधानी

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘इस घटना के संबंध में आठ लोगों पर मामला दर्ज किया गया है और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।’’ पुलिस ने आशंका जताई कि सुरक्षा नियमों एवं दिशानिर्देशों का पालन किए बिना ही आतिशबाजी की गई थी, जिस वजह से ये हादसा हुआ है। हादसा उस समय हुआ जब मंदिर में तेय्यम देखने के लिए महिलाओं और बच्चों समेत सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे। बता दें कि तेय्यम केरल के मालाबार क्षेत्र के मंदिरों और पवित्र उपवनों में आयोजित किया जाने वाला सदियों पुराना अनुष्ठान है। 

8 लोग 80 प्रतिशत तक झुलसे

जिलाधिकारी ने बताया कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोग 80 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, पटाखे रखने की जगह और पटाखे जलाने की जगह बेहद नजदीक थी, जिससे हादसा हो गया। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘सुरक्षा संबंधी सावधानी नहीं बरती गई। दोनों स्थानों के बीच कम से कम 100 मीटर की दूरी बनाए रखने की आवश्यकता का पालन नहीं किया गया। पटाखों के भंडारण के लिए भी कोई अनुमति नहीं ली गई।’’ (इनपुट- एजेंसी)

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