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नोट कर लीजिए, देश में इमरजेंसी के लिए मल्टीपल नहीं, अब सिर्फ एक ही नंबर, सुप्रीम कोर्ट ने काम कर दिया आसान

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 29, 2026 02:48 pm IST,  Updated : May 29, 2026 02:52 pm IST

Supreme Court ने पूरे देश की सभी आपातकालीन सेवाओं को केवल ‘112’ हेल्पलाइन से जोड़ने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सारे इमरजेंसी नंबरों को 112 में इंटीग्रेट करने के लिए कहा।

Supreme Court emergency helpline- India TV Hindi
हेल्पलाइन नंबर- 112 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश। Image Source : PTI

Supreme Court ने भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 के अंतर्गत नागरिकों को मिले जीवन के अधिकार को अभिन्न भाग मानते हुए अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। सर्वोच्च अदालत ने पूरे देश में इमरजेंसी सेवाओं के लिए सिर्फ एक हेल्पलाइन नंबर ‘112’ को प्रभावी तौर पर लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही, इसके लिए 3 महीने का समय भी निर्धारित किया है।

सभी आपातकालीन सेवाओं को 112 से जोड़ें

लाइव लॉ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि पूरे देश में मजबूत ट्रॉमा केयर सिस्टम विकसित करें। इसके अंतर्गत सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन सेवाओं को 112 में ही एकीकृत करें। साथ ही, पीएम राहत कैशलेस उपचार योजना को अच्छे से लागू करें। इसके अलावा, Good Samaritan स्कीम भी प्रभावी तौर पर लागू हो।

याचिका में थी इमरजेंसी मेडिकल एड को बेहतर बनाने की मांग

बता दें कि जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदूरकर की बेंच ने यह निर्णय SaveLife Foundation की तरफ से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने सड़क दुर्घटना के मामलों में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता को बेहतर बनाने की डिमांड की गई थी।

सड़क हादसे के मामलों में तुरंत एक्शन जरूरी

फैसला सुनाते हुए बेंच ने कहा कि सड़क हादसे के मामलों में तुरंत कार्रवाई बहुत जरूरी होती है। सर्वोच्च अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि कई बार कानूनी प्रक्रिया में फंसने के भय से आम लोग इमरजेंसी सेवाओं के नंबर पर कॉल करने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में लोगों को आशंका रहती है कि उनको बाद में पुलिस स्टेशन बुलाया जा सकता है और मामले में गवाह भी बनाया जा सकता है।

ट्रॉमा केयर के लिए बनाया जाए यूनिफॉर्म फ्रेमवर्क

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सभी बाधाओं को दूर करने के लिए ट्रॉमा केयर के खातिर यूनिफॉर्म फ्रेमवर्क बनाने, जन जागरूकता बढ़ाने और प्राथमिक चिकित्सा कौशल के मानकीकरण की जरूरत है। इसके साथ ही, बेंच ने निर्देश दिया कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश 3 महीने की अवधि में सभी आपातकालीन/एम्बुलेंस हेल्पलाइन- 100, 101, 108, 102, 1033, 1091 आदि का हेल्पलाइन 112 में एकीकरण को पूरा करेंगे।

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