असम के पहाड़ी जिलों कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग में बेदखली के मुद्दे को लेकर एक बार फिर तनाव गहरा गया। अशांत कार्बी आंगलोंग जिले में प्रदर्शनकारियों के दो गुटों के बीच झड़प के बाद हिंसा भड़क उठी, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 38 पुलिसकर्मियों सहित 45 अन्य घायल हो गए। हिंसक संघर्ष के बाद असम सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर दोनो जिलों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने बेदखली के मुद्दे पर दोनों जिलों में नए सिरे से हिंसा भड़कने के मद्देनजर यह कदम उठाया।
असम के सीएम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वे पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में जारी हिंसा पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं पश्चिम कार्बी आंगलोंग में स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा हूं। आज की अशांति में दो लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। शांति बनाए रखने के लिए कल खेरानी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। हम सभी संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि स्थिति सामान्य हो सके और बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान हो सके। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।”
पुलिस का लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले
घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब बेदखली के विरोध और समर्थन में उतरे दो गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से पथराव और मारपीट शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
सरकार ने लगाया इंटरनेट पर ब्रेक
हिंसा के बाद अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य के गृह एवं राजनीतिक विभाग ने तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का आदेश जारी किया है। आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ने की आशंका है, इसलिए सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इंटरनेट निलंबन का यह आदेश अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।
क्यों हो रहा है विवाद?
विवाद की मुख्य वजह कार्बी आंगलोंग में अवैध कब्जे और बेदखली अभियान को लेकर उपजी नाराजगी है। स्थानीय संगठनों और बाहरी समूहों के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय से खींचतान चल रही है, जिसने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया।
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