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रेप को लेकर अलग-अलग देशों में क्या है सजा? यहां जानें अमेरिका से लेकर चीन तक का कानून

 Edited By: India TV News Desk
 Published : May 05, 2025 02:04 pm IST,  Updated : May 05, 2025 02:49 pm IST

भारत समेत दुनियाभर के विभिन्न देशों में महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। आइए जानते हैं कि रेप को लेकर अलग-अलग देशों में क्या है सजा का प्रावधान।

बलात्कार करने पर सजा का प्रावधान।- India TV Hindi
बलात्कार करने पर सजा का प्रावधान। Image Source : INDIA TV

भारत के विभिन्न राज्यों में लगातार बड़ी संख्या में रेप के मामले सामने आते रहते हैं। भारत सरकार ने रेप के अपराध के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं। इसके तहत रेप के दोषियों को कानून के अनुसार लगातार सजाएं भी मिलती रहती हैं। पर क्या आप जानते हैं भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में रेप के केस में दोषियों को क्या और कितनी सजा मिलती है? आइए जानते हैं...

भारत में रेप को लेकर सजा

भारत में धारा 64 के मुताबिक, रेप के केस में दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 10 साल से आजीवन कारावास तक की जेल और जुर्माना दोनों की सजा हो सकती है। वहीं, नाबालिग से रेप यानी POCSO के केस में सख्त सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में 16 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ रेप पर 20 साल की जेल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। नाबालिग की मौत होने पर इस केस में मौत की सजा भी दी जा सकती है।

  • अमेरिका- जुर्माना से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा।
  • चीन- मौत की सजा या फिर कई मामलों में नपुंसक बनाने की सजा।
  • नीदरलैंड- 4 से 15 साल की जेल।
  • रूस- 30 साल तक की सजा।
  • इराक- पत्थर मारकर मौत की सजा।
  • उत्तर कोरिया- गोली मारकर मौत की सजा।
  • पाकिस्तान- मौत या कठोर कारावास की सजा
  • सऊदी अरब- मौत की सजा।
  • स्विट्जरलैंड-  10 साल तक की जेल। 
  • फ्रांस- 15 साल जेल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा।
  • इजरायल- 16 साल तक जेल की सजा।
  • जापान- 20 साल जेल से लेकर मौत तक की सजा।

भारत में साल 2012 में आया पोक्सो एक्ट

भारत में नाबालिग बच्चियों को यौन हिंसा से सुरक्षित रखने के लिए साल 2012 में पोक्सो एक्ट (POCSO Act) लाया गया था। इसका एक्ट का पूरा नाम प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट/बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के लड़का/लड़की को नाबालिग माना गया है। इन बच्चों से गलत कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी सजाओं का भी प्रावधान किया गया है। कानून के तहत दोषी को 20 साल की जेल से लेकर उम्रकैद और जुर्माना तक की सजा हो सकती है। गंभीर मामलों में दोषी को मौत की सजा तक दी जा सकती है।

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