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सीटों की भीख मांगने के बजाय अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा : मायावती

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 09, 2018 05:36 pm IST,  Updated : Oct 09, 2018 08:46 pm IST

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी गठबंधन में सीटों के लिए भीख नहीं मांगेगी और अपने बलबूते ही चुनाव लड़ेगी।

Mayawati- India TV Hindi
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नयी दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी गठबंधन में सीटों के लिए भीख नहीं मांगेगी और अपने बलबूते ही चुनाव लड़ेगी। मायावती ने दलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के गरीबों के सम्मान से समझौता नहीं करने की दलील देते हुये कहा है कि उनकी पार्टी ने चुनावी गठबन्धन के लिये ‘‘सम्मानजनक सीटें‘‘ मिलने की एकमात्र शर्त रखी थी। इसका साफ मतलब यह है कि गठबन्धन में बसपा सीटों के लिए ‘‘भीख‘‘ नहीं मांगेगी और अपने बलबूते चुनाव लड़ती रहेगी। 

मायावती ने मंगलवार को बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुये दलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के गरीबों की बदहाली के लिये भाजपा और कांग्रेस को बराबर का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के लिये बसपा को सम्मानजनक सीटें नहीं मिलने को प्रमुख वजह बताया। उन्होंने कहा ‘‘वैसे तो भाजपा और कांग्रेस से इन वर्गों के व्यापक हित एवं सम्मान की उम्मीद भी नहीं है, लेकिन इनका अपमान भी हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसीलिए चुनावी गठबन्धनों के लिये हमारी पार्टी ने ‘‘सम्मानजनक सीटें‘‘ मिलने मात्र की शर्त रखी थी। इसका मतलब साफतौर पर यह है कि गठबंधन में बसपा सीटों के लिए ‘‘भीख‘‘ नहीं मांगेगी।’’ 

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा ‘‘हम जानते हैं कि ना तो भाजपा और ना ही कांग्रेस बहुजन समाज और सवर्ण समाज के ग़रीबों की हितैषी पार्टी है। अगर वे हितैषी होतीं तो इन वर्गों की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक हालत आज इतनी ज्यादा दयनीय नहीं होती बल्कि पिछले 70 वर्षों में काफी सुधर गई होती तथा सत्ता में इनकी समुचित भागीदारी भी होती।’’ 

उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर बराबर निशाना साधते हुये बसपा को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा ‘‘कांग्रेस व भाजपा, दोनों ही पार्टियां बसपा और इसके नेतृत्व को कमजोर, बदनाम एवं राजनीतिक तौर पर कमजोर करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहती हैं। खासकर चुनाव के समय तो यह कुत्सित प्रयास और भी ज़्यादा सघन और विषैले हो जाते है।’’ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को इससे सावधान रहने के लिये आगाह भी किया। 

बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निरोधक कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुये कहा ‘‘बसपा कतई नहीं चाहती है कि किसी भी कानून का, चाहे वह अजा अजजा क़ानून ही क्यों ना हो, सरकारी मशीनरी के हाथों दुरुपयोग हो।’’उन्होंने कहा कि इस बात को उत्तर प्रदेश में चार बार बसपा सरकार ने सही साबित भी करके दिखाया है, जब सरकार मजलूमों के साथ हमेशा खड़ी दिखाती थी। मायावती ने कहा कि राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार दलितों पर जुल्म करने वालों का साथ दे रही है और यह पूरे राज्य में हो रहा है तथा इससे मुक्ति पाना जरूरी है। 

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