लखनऊ: कल रात से ही उत्तर प्रदेश की सियासत में जबरदस्त घमासान मचा हुआ था। चाचा-भतीजे की जंग में पूरी सरकार फंसी हुई है। लखनऊ से सैफई होते हुए झगड़ा मुलायम के दरबार में दिल्ली पहुंच गया। तलवारें दोनों तरफ से खिंची हैं कोई पीछे हटने के लिए तैयार नहीं। आखिर अखिलेश और शिवपाल के बीच जारी इस खींचतान की हकीकत क्या है? पढ़िए पूरी खबर...
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मुलायम की दहलीज़ पर घर का झगड़ा
शिवपाल हों या अखिलेश सबको नेताजी इसलिए कहना पड़ा क्योंकि खानदान का घमासान मुलायम की चौखट पर था। मुलायम सिंह यादव से मिलने के लिए काफिले के साथ शिवपाल दिल्ली रवाना हुए। बीती रात मुलायम ने शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया तो भतीजे अखिलेश यादव ने उनसे तीन अहम मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी ले ली। इसकी शिकायत के लिए मुलायम के दरबार में शिवपाल ने हाज़िरी लगाई और सैफई से सीधे दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी।
‘परिवार नहीं, सरकार में झगड़ा’
मुलायम परिवार के इस घमासान पर समाजवादी कुनबे में खींचतान की खबरें सुर्खिय़ां बन गईं। सियासी सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जैसे कैमरों के सामने आए, कुनबे की कलह पर सवाल हुए तो जवाब आया- ये सरकार का झगड़ा है- घर में सब ठीक है। अखिलेश ने कहा, ‘आपको कहां से लग रहा है परिवार में झगड़ा है...परिवार में झगड़ा आपको कहां से लग रहा है... ये सरकार का झगड़ा दिखाई दे रहा है आपको...ये परिवार का झगड़ा नहीं है। ये सरकार की बात पर सवाल कर रहे हो आप। घर की बात पर सवाल नहीं कर रहे हो आप...घर तो एक ही है।’
'हटाना सीएम का अधिकार'
अखिलेश ने कहा कि उन्होंने कुछ फैसले मुलायम के कहने पर लिए लेकिन कुछ फैसले उनके अपने हैं। अपने चाचा और यूपी के सबसे ताकतवर कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के पर कतरने का फैसला किसका है इसका खुलासा अखिलश ने नहीं किया लेकिन शिवपाल कह रहे हैं कि ये तो सीएम का अधिकार है। दोनों मुलायम के फ़ैसले को सर्वोपरि बता रहे हैं।
चाचा-भतीजे में घमासान की हक़ीक़त
सवाल उठता है कि अखिलेश और शिवपाल यादव में झगड़ा कहां और किस पर शुरू हुआ और कैसे दोनों की केमिस्ट्री बदल गई। दरअसल दो दिनों में दो-दो मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर करने और फिर चीफ सेक्रेटरी को हटाए जाने पर तनातनी इतनी बढ़ी कि एक हाथ मुलायम ने अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष पद लेते हुए शिवपाल को दे दिया तो दूसरी तरफ अखिलेश ने शिवपाल से अहम मंत्रालय छीन लिए।
झगड़े की 4 वजह -
- सोमवार को करप्शन के आरोप में खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और पंचायती राज मंत्री राजकिशोर सिंह को बर्खास्त कर दिया
- मंगलवार सुबह अखिलेश सरकार ने चीफ़ सेक्रेटरी दीपक सिंघल को हटा दिया
- मंगलवार शाम को मुलायम ने अखिलेश की जगह शिवपाल को यूपी में पार्टी की कमान सौंप दी
- पलटवार करते हुए अखिलेश ने दो घंटे में शिवपाल को बाहर निकाल दिया
चीफ़ सेक्रेटरी दीपक सिंघल की करीबी शिवपाल यादव से बताई जाती थी। कहते हैं कि चीफ़ सेक्रेटरी को हटाने का फ़ैसला मुलायम के कहने पर ही अखिलेश ने लिया था। लेकिन मुलायम चाहते थे कि दीपक सिंघल को हटाने का फ़ैसला अखिलेश वापस लें लेकिन ये हुआ नहीं और फिर नाराज़ होकर मुलायम सिंह ने शिवपाल को यूपी में समाजवादी पार्टी की कमान सौंप दी। पिता के इस वार पर अखिलेश ने भी पलटवार करते हुए शिवपाल को कैबिनेट से बाहर कर दिया।
मुलायम खानदान...कब-कब घमासान?
- इसी साल 21 जून को शिवपाल ने कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय करवाया
- अखिलेश यादव इस फ़ैसले के पक्ष में नहीं थे लिहाजा समाजवादी पार्टी और कौमी एकता दल का विलय टल गया
- अखिलेश इतने नाराज़ हुए कि शिवपाल मानने के लिए उनके घर गए तो मुलायम ने यहां भी शिवपाल का साथ दिया
- रास्ता ये निकला कि बाहुबली मुख्तार अंसारी एसपी में शामिल नहीं होंगे जबकि उनकी पार्टी का विलय होगा
शिवपाल बोले, 'अभी तमाशा देखिए'
मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करके निकले शिवपाल यादव ने हमारे चैनल इंडिया टीवी से बातचीत में कहा, ‘मैं मंत्री हूं और आगे भी मंत्री रहूंगा। अखिलेश को सबको साथ लेकर चलना चाहिए। उसी में भलाई हो जायेगी। मैंने अपनी पूरी बात नेता जी को बता दी है। मेरे सरकार में रहने न रहने के सवाल पर नेता जी विचार कर रहे हैं। ये भी बोले, अभी तमाशा देखिए।’
इंडिया टीवी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में देखिए शिवपाल यादव ने क्या कहा-