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उमर अब्दुल्ला का गंभीर आरोप, DDC चुनाव के प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 18, 2020 10:07 pm IST,  Updated : Nov 18, 2020 10:07 pm IST

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को आरोप लगाया कि इस महीने के आखिर में जम्मू-कश्मीर में होने वाले DDC के चुनाव में प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है।

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नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को आरोप लगाया कि DDC चुनाव के प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है। Image Source : PTI

श्रीनगर: नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को आरोप लगाया कि इस महीने के आखिर में जम्मू-कश्मीर में होने वाले जिला विकास परिषद (DDC) के चुनाव में प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है। जम्मू एवं कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर सवाल किया कि क्या यह सुरक्षित और आतंक मुक्त जम्मू्-कश्मीर है जिस बारे में केंद्रीय गृह मंत्री ने पहले ट्वीट किया था। बता दें कि इसके पहले गुपकर घोषणापत्र गठबंधन की ओर से एक चुनाव अधिकारी पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाया गया था।

‘प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है’

उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में किस तरह का चुनाव हो रहा है, जहां प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है? क्या यह सुरक्षित और आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर है जिसके बारे में गृहमंत्री ने कल ट्वीट किया था।’ इसके पहले गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (PAGD) की ओर से खानमोह में एक जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव क्षेत्र के चुनाव अधिकारी पर पक्षपात करने का आरोप बुधवार को लगाया गया। PAGD ने कहा कि अधिकारी ने उनके उम्मीदवार के नामांकन को स्वीकार करने के कुछ घंटों बाद उसे खारिज करने का प्रयास किया।
https://twitter.com/OmarAbdullah/status/1329059887343575042
‘निर्वाचन आयोग को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए’
PAGD के नेता मुजफ्फर शाह ने श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारे उम्मीदवार का नामांकन मंगलवार अपराह्न 12 बजकर 15 मिनट पर स्वीकार कर लिया गया था। उन्हें बैंक खाता खोलने के लिए एक प्राधिकार पत्र दिया गया था और व्यय रजिस्टर भी दिया गया था। इसके बाद शाम 5 बजे के आसपास उन्हें कार्यालय बुलाया गया और जिस अधिकारी ने नामांकन के एक कॉलम में ‘एक्सेप्टेड’ लिखा था, उसी ने ‘एक्सेप्टेड’ शब्द के पहले ‘नॉट’ लिख दिया और ‘रिजेक्टेड’ लिखने का भी प्रयास किया।’ शाह ने कहा कि यह पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पर धब्बा है और निर्वाचन आयोग को तत्काल इसका संज्ञान लेना चाहिए।

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