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नयी शिक्षा नीति का मकसद RSS का एजेंडा लागू करना है: अखिलेश यादव

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 30, 2020 05:58 pm IST,  Updated : Jul 30, 2020 06:07 pm IST

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर आज जमकर हमला बोला और नयी शिक्षा नीति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा बताया।

नयी शिक्षा नीति का मकसद RSS का एजेंडा लागू करना है: अखिलेश यादव- India TV Hindi
नयी शिक्षा नीति का मकसद RSS का एजेंडा लागू करना है: अखिलेश यादव Image Source : FILE PHOTO

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर आज जमकर हमला बोला और नयी शिक्षा नीति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा बताया। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति का मकसद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा लागू करना है। इससे पहले बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नयी शिक्षा नीति(एनईपी) को मंजूरी दी, जिसमें स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बड़े बदलाव किये गए हैं। साथ ही, शिक्षा क्षेत्र में खर्च को सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत करने तथा उच्च शिक्षा में साल 2035 तक सकल नामांकन दर 50 फीसदी पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नयी नीति में बचपन की देखभाल और शिक्षा पर जोर देते कहा गया है कि स्कूल पाठ्यक्रम के 10 + 2 ढांचे की जगह 5 + 3 + 3 + 4 की नयी पाठयक्रम संरचना लागू की जाएगी, जो क्रमशः 3-8, 8-11, 11-14, और 14-18 साल की उम्र के बच्चों के लिए होगी। इसमें 3-6 साल के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है, जिसे विश्व स्तर पर बच्चे के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण चरण के रूप में मान्यता दी गई है। 

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में नयी शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि 34 साल से शिक्षा नीति में परिवर्तन नहीं हुआ था, इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। कैबिनेट ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम पुन: शिक्षा मंत्रालय करने को भी मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि वर्तमान शिक्षा नीति 1986 में तैयार की गयी थी। नयी शिक्षा नीति का विषय 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल था । 

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासनकाल में 1985 में शिक्षा मंत्रालय का नाम बदलकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर दिया गया था। इसके अगले वर्ष राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गयी थी। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अनिता करवल ने प्रेस वार्ता के दौरान एक प्रस्तुति दी जिसमें नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। (इनपुट-भाषा)

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