बेंगलुरु: नोटबंदी का विरोध करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सरकार के कदम को जनविरोधी बता रहे लोग उस भ्रष्टाचार और कालेधन के राजनीतिक पुजारी हैं जो अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था और समाज को खोखला बना रहे हैं। मोदी ने बेंगलुरु में 14वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि कालेधन के कुछ राजनीतिक पुजारी हमारे प्रयासों को जनविरोधी कह रहे हैं।’
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पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार से लड़ने की बड़ी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, ‘आपने देखा होगा और सुना होगा कि हमने कालेधन के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी है। कालाधन और भ्रष्टाचार हमारी राजव्यवस्था, समाज और प्रशासन को धीरे-धीरे खोखला कर रहे हैं।’ भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ सरकार के कदमों का समर्थन करने के लिए मोदी ने भारतीय मूल के लोगों का शुक्रिया अदा किया। देश के विकास में भारतवंशी समुदाय की भूमिका पर रोशनी डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने करीब 69 अरब डॉलर का निवेश करके भारतीय अर्थव्यवस्था में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए FDI की दो परिभाषाएं हैं। एक है फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) और दूसरी है फर्स्ट डिवेलप इंडिया (पहले भारत का विकास)। ’
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उन्होंने कहा, ‘मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 21वीं सदी भारत की है।’ समारोह के मुख्य अतिथि पुर्तगाल के भारतीय मूल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा थे। समारोह में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने शिरकत की। मोदी ने कहा कि विदेशों में रोजगार चाहने वाले भारतीय युवाओं के लिए सरकार जल्द एक कौशल विकास कार्यक्रम प्रवासी कौशल विकास योजना शुरू करेगी। प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ देश की साझेदारी को मजबूत करने के भारतवंशी समुदाय के प्रयासों का स्वागत करते हुए मोदी ने कहा, ‘हम पासपोर्ट का रंग नहीं देखते लेकिन खून से लिखे रिश्ते सर्वाधिक महत्व रखते हैं।’