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‘मुख्यमंत्री अखिलेश को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना गलती रही’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 15, 2016 11:46 am IST,  Updated : Sep 15, 2016 12:46 pm IST

उत्तर प्रदेश में पार्टी और सरकार में जारी उठापटक पर पहली बार समाजवादी पार्टी ने माना है कि अखिलेश यादव को यूपी के अध्यक्ष पद से हटाने में उससे गलती हुई।

ram gopal yadav- India TV Hindi
ram gopal yadav

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में पार्टी और सरकार में जारी उठापटक पर पहली बार समाजवादी पार्टी ने माना है कि अखिलेश यादव को यूपी के अध्यक्ष पद से हटाने में उससे गलती हुई। आज समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने पत्रकारों से कहा कि 'परिवार में कोई कलह नहीं है। अगर कोई विवाद है तो वो दूर हो जाएगा'।

रामगोपाल यादव ने कहा कि अगर अखिलेश को हटाने से पहले बात कर ली जाती तो अच्छा होता। उन्होंने कहा कि हालांकि यह गलती जानबूझकर नहीं की गई लेकिन यदि उनसे इस्तीफा मांग लिया जाता तो वह खुद ही दे देते। उन्होंने कहा अगर उनसे कहा जाता कि आप इस्तीफा दे दीजिये, चुनाव आ रहा है, अध्यक्ष का काम वह (शिवपाल यादव) करेंगे और आप मुख्यमंत्री रहेंगे, तो कोई दिक्कत ही नहीं होती।

यादव ने कहा कई बार ऐसा होता है, कुछ ऐसे फैसले हो जाते हैं, जिससे लोगों को लगता है कि पार्टी के सामने कोई दिक्कत है। ऐसा कुछ नहीं है। सारी पार्टियों में विभिन्न परिस्थितियों में ऐसा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने जो भी फैसले किये, उनमें से ज्यादातर पार्टी के अध्यक्ष :मुलायम: की सलाह पर किए हैं। लेकिन ,जैसा कि अखिलेश ने खुद कहा है कि कुछ फैसले उन्होंने भी लिये हैं तो यह भी स्वाभाविक ही है । अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य का मुख्यमंत्री कोई फैसले अपनी तरफ से लेता है तो यह अस्वाभाविक बात नहीं है।

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा वक्त में सपा में किसी बात को लेकर कोई नाराजगी नहीं है और ना ही इससे पार्टी की कोई फजीहत हो रही है। यह पूछने पर कि क्या लोकनिर्माण, सिंचाई और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीने जाने के बाद शिवपाल कैबिनेट में रहेंगे, उन्होंने कहा वह कैबिनेट में हैं और रहेंगे।

बता दें कि अखिलेश यादव ने दो मंत्रियों- गायत्री प्रजापति (खनन) और राजकिशोर सिंह (पंचायती राज) को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया, जिसके बाद ये सभी राजनीतिक घटनाक्रम हुए। दोनों बर्खास्त मंत्री मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के करीबी माने जाते हैं। फिर उन्होंने मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटा दिया। इसके बाद दिल्ली में मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर अखिलेश यादव को सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल को यूपी की कमान सौंप दी गई।

इसके बाद अखिलेश ने फिर पलटवार किया और शिवपाल को महत्वहीन विभाग देकर उनका कद छोटा कर दिया। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग वापस लेकर उन्हें समाज कल्याण एवं भूमि परती विकास विभाग दे दिया था।

इसके बाद सैफई में शिवपाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि नेताजी का फैसला पत्थर की लकीर है। उसे कोई नहीं पलट सकता। नेताजी जो भी फैसला लेंगे, उसका हर हाल में पालन किया जाएगा। इसके बाद अखिलेश ने कहा था कि कुछ फैसले खुद से लिए, लेकिन ज्यादातर फैसले नेताजी के कहने पर लिए हैं।

अखिलेश ने कहा था कि आखिर परिवार में सब नेताजी की बात मानते हैं। मैंने भी नेता जी के कहने पर कई बातें मानी हैं लेकिन कुछ फैसले मैं अपने आप भी करता हूं। उन्होंने पार्टी में झगड़े की बात मानी थी, लेकिन परिवार में कलह की बात को उन्होंने नकारा था।

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