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अखंड भारत संकल्प दिवस: नितिन गडकरी बोले- 'बंटवारा स्वाभाविक था, एक दिन देश अखंड होगा, हम एक होंगे'

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 14, 2025 12:42 pm IST,  Updated : Aug 14, 2025 12:54 pm IST

नितिन गडकरी ने कहा कि देश का बंटवारा स्वाभाविक था। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन भारत अखंड होगा और सभी लोग एक होंगे।

Nitin Gadkari- India TV Hindi
नितिन गडकरी Image Source : PTI

महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश का बंटवारा स्वाभाविक था। इसके साथ ही उन्होंने अखंड भारत और सभी के एक होने की उम्मीद जताई। इस दौरान उन्होंने सड़क हादसों का भी जिक्र किया और बदलाव को स्वीकार करने की बात कही। नितिन गडकरी नागपुर में राष्ट्र निर्माण समिति के अखंड भारत संकल्प दिवस आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम के दौरान नागपुर के लगभग 10000 स्कूली बच्चों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाकर अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया।

14 अगस्त के दिन पूरे भारतवर्ष में अखंड भारत संकल्प दिन मनाया जा रहा है। 1947 से पहले के भारत की संकल्पना को लेकर अखंड भारत संकल्प दिन मनाया जाता है। इस दौरान पूर्व सैनिकों का सत्कार भी किया गया। गडकरी ने कहा कि वह दिन दूर नहीं कि हमारा देश जल्द विश्व गुरु बनेगा। हम एक दिन कामयाब होंगे। हम कहते हैं विश्व का कल्याण हो।

हमारा बंटवारा स्वाभाविक और अनैसर्गिक था- गडकरी

अखंड भारत संकल्प दिवस को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज का दिन हमको इसलिए याद रहता है कि इसी दिन रात को हमारा जो भारत था, इसका 1947 में दो भागों में बंटवारा हुआ। भारत और पाकिस्तान निर्मित हुए। हम सब लोग इसे एक मिशन के रूप में स्वीकार करते हैं। हमारा बंटवारा स्वाभाविक और अनैसर्गिक था। एक दिन हमारा देश अखंड होगा, हम एक होंगे, इस संकल्पना के साथ हम इस कार्यक्रम को करते हैं।

सड़क हादसों का किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि अब युद्ध के तरीके बदल गए हैं, अब टैंक नहीं चलते हैं, अब ड्रोन आए हैं। अब रोड के ऊपर मिसाइल आ गई हैं। अब इससे युद्ध होता है। नितिन गडकरी ने कहा कि सड़कों पर बड़े पैमाने पर एक्सीडेंट होते हैं। हर साल 5 लाख एक्सीडेंट होते है, 1,80,000 मौत होती हैं। 18 से 34 वर्ष कि आयु में करीब 66% जवान लड़के लड़कियों की मृत्यु होती है। इसको रोकना हमारा काम है।

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