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कांग्रेस ने सिद्धरमैया पर तंज को लेकर हरिप्रसाद को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने का फैसला किया

 Published : Sep 13, 2023 12:00 am IST,  Updated : Sep 13, 2023 12:00 am IST

कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया पर तंज कसने पर कांग्रेस नेता हरिप्रसाद को कांग्रेस पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला लिया है।

प्रतिकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतिकात्मक तस्वीर Image Source : फाइल

बेंगलुरु: कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति  ने पार्टीके सीनियर नेता के.हरिप्रसाद को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी करने का फैसला किया है। पार्टी के अनुशासन का कथित उल्लंघन करने की शिकायत मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है।  कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हरिप्रसाद को 10 दिन के अंदर अपने आचरण के बारे में विस्तार से बताने के लिए कहा जाएगा। समिति के सदस्य तारिक अनवर ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) को विधान परिषद सदस्य एवं कांग्रेस कार्य समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बी.के.हरिप्रसाद द्वारा पार्टी का अनुशासन भंग किए जाने की शिकायत मिली थी। उन पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने और भाजपा तथा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के साथ नौ सितंबर 2023 को बेंगलुरु में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में मंच साझा करने का आरोप है।’’ 

हरिप्रसाद से 10 दिनों के अंदर जवाब मांगा

कांग्रेस महासचिव अनवर ने कहा कि विषय डीएसी के पास भेजा गया था, जिसने हरिप्रसाद को अपने आचरण के बारे में 10 दिन के अंदर विस्तार से बताने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है। हरिप्रसाद ने नौ सितंबर को कहा था कि धोती के साथ हब्लोट घड़ी पहनने वाले कुछ लोग समाजवादी होने का दावा नहीं कर सकते और कोई देवराज उर्स (सामाजिक सुधारों के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री) की कार में बैठकर उनकी तरह नहीं बन सकता। उनकी इस टिप्पणी को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर परोक्ष हमला माना जा रहा है। हालांकि, हरिहप्रसाद ने अपने भाषण के दौरान किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संदर्भों से स्पष्ट था कि उनके निशाने पर सिद्धरमैया थे। 

सिद्धरमैया 2016 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान हीरे जड़ित हब्लोट घड़ी को लेकर विवाद में फंस गए थे। इस पर उन्होंने सफाई दी थी कि घड़ी उन्हें दुबई में रह रहे हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.गिरीश चंद्र वर्मा ने बतौर उपहार दी थी। सिद्धरमैया ने कथित तौर पर 70 लाख रुपये कीमत की उक्त घड़ी तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी और उनसे इसे राज्य की संपत्ति बनाने को कहा था। यह पहली बार नहीं है जब हरिप्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया पर निशाना साधा है। इससे पहले जुलाई में भी उन्होंने मंत्री और मुख्यमंत्री पदों के संबंध में टिप्पणी की थी जिसने पार्टी के साथ-साथ सिद्धरमैया को असहज कर दिया था। 

हरिप्रसाद और सिद्धरमैया अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। दोनों का संबंध क्रमश: एडिगा और कुरुबा समुदायों से है। हरिप्रसाद ने जी परमेश्वर (मौजूदा सरकार में गृह मंत्री) जैसे दलित नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए और अनुसूचित जनजाति से आने वाले सतीश जारकीहोली जैसे नेता के नाम पर उपमुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस द्वारा विचार नहीं किए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की थी। हरिप्रसाद के बारे में माना जाता है कि वह राज्य मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ समय से नाराज हैं। (इनपुट-एजेंसी)

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