केरल विधानसभा चुनाव 2026 में केरल की वट्टीयूरकावू सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां सीपीएम ने मौजूदा विधायक वीके प्रशांत को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने के मुरलीधरन पर भरोसा जाता है, जबकि बीजेपी ने आर श्रीलेखा को टिकट दिया है। वट्टीयूरकावू विधानसभा सीट केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित एक महत्वपूर्ण शहरी सीट है। यह त्रिकोणीय मुकाबले के लिए चर्चा में है। 9 अप्रैल को केरल में सभी 140 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होना है। वट्टीयूरकावू सीट भी इनमें से एक है। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
यह सीट पूरी तरह से बीजेपी शासित तिरुवनंतपुरम सिटी कॉर्पोरेशन के अंदर आती है। हाल के लोकल बॉडी और लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है। इसी आधार पर यहां बीजेपी का पलड़ा भारी माना जा रहा है, लेकिन केरल का चुनावी पैटर्न कांग्रेस के पक्ष में है। यहां हर पांच साल में सरकार बदलती है। वहीं, सीपीआईएम को पिछली जीत के आधार पर वीके प्रशांत की जीत का भरोसा है।
पिछले चुनाव में क्या हुआ था?
2021 में हुए विधानसभा चुनाव में सीपीआईएम के वीके प्रशांत को लगभग 21515 वोट से जीत मिली थी। उन्हें कुल 61,111 (44.40%) वोट मिले थे और जीत का अंतर 15.6% था। बीजेपी के एडवोकेट वीवी राजेश दूसरे नंबर पर रहे थे, जिन्हें 39,596 (28.77%) वोट मिले थे। कांग्रेस की एडवोकेट वीणा एस नायर 35,455 (25.76%) वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रही थीं। पिछले चुनाव में एलडीएफ गठबंध ने मजबूत जीत दर्ज की थी, लेकिन बीजेपी ने अच्छी वोट शेयर हासिल किया था।
मौजूदा उम्मीदवारों की स्थिति
मौजूदा विधायक वीके प्रशांत तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनका जोर विकास कार्यों पर है। प्रशांत के अनुसार उन्होंने क्षेत्र के विकास में ₹1,050 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च किया है। वहीं कांग्रेस के सीनियर नेता के मुरलीधरन भी बड़ा चेहरा हैं। वह यहां से पहले भी विधायक रह चुके हैं और राजनीतिक कमबैक की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार भी माना जा रहा है। हालांकि, इस रेस में कई अन्य नेता भी हैं। बीजेपी उम्मीदवार आर श्रीलेखा का दावा भी मजबूत है। वह पूर्व डीजीपी हैं और केरल की पहली महिला डीजीपी भी हैं। वह बीजेपी के लिए मजबूत उम्मीदवार हैं। भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन और विकास पर उनका जोर है।
क्या हैं समीकरण?
मौजूदा विधायक विकास कार्यों फ्लाईओवर, जंक्शन विकास, सड़क चौड़ीकरण आदि को हाइलाइट कर रहे हैं, लेकिन राज्य स्तर पर एलडीएफ गठबंधन के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी हो सकती है। कांग्रेस के मुरलीधरन का नाम बड़ा है। वे स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने का वादा कर रहे हैं। अगर कांग्रेस का वोट बीजेपी की तरफ न गया तो यूडीएफ को फायदा हो सकता है। बीजेपी की आर श्रीलेखा का नाम महिला और प्रशासनिक अनुभव वाला है। शहर में बीजेपी का बढ़ता जनाधार और कॉर्पोरेशन में कंट्रोल होने से बीजेपी को अच्छा मौका दिख रहा है। यह सीट बीजेपी के लिए अर्बन ब्रेकथ्रू का बड़ा मौका मानी जा रही है। यह केरल की सबसे ध्यान देने योग्य सीटों में से एक है। वोट शेयर का छोटा-सा शिफ्ट भी नतीजा बदल सकता है। स्थानीय मुद्दे ट्रैफिक, विकास, शहरी सुविधाएं और राज्य स्तर की एंटी-इनकंबेंसी मुख्य फैक्टर रहेंगे।
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