नई दिल्ली: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को दिल्ली स्थित भलस्वा डंपिंग साइट का दौरा कर वहां चल रहे सफाई और कूड़े की प्रोसेसिंग से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2026 तक भलस्वा डंपिंग साइट को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया है और इस दिशा में युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। मनोहर लाल खट्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'आज भलस्वा डंपिंग साइट पर चल रहे सफाई एवं वेस्ट प्रोसेसिंग कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। पिछले वर्ष मैंने यह संकल्प लिया था कि अक्टूबर 2026 तक इस डंपसाइट को पूर्णतः समाप्त कर दिया जाएगा, और उसी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु युद्धस्तर पर कार्य जारी है।'
'सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे'
खट्टर ने आगे लिखा, 'कूड़े के इस विशाल पहाड़ को समाप्त करने के लिए वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग तथा वैज्ञानिक वेस्ट डिस्पोजल की प्रक्रिया को तेज़ किया गया है। साथ ही, पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के विजन को साकार करते हुए केंद्र सरकार दिल्लीवासियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में निर्धारित समयसीमा के भीतर भलस्वा डंपिंग साइट का समापन सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।'
70 एकड़ से ज्यादा में फैला है भलस्वा लैंडफिल
भलस्वा लैंडफिल दिल्ली के सबसे बड़े कूड़ा स्थलों में से एक है। यह 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्ष 1994 से लगातार बड़ी समस्या बना हुआ है। एक समय यहां कूड़े का पहाड़ करीब 60 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गया था। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली नगर निगमअब बायो-माइनिंग तकनीक के जरिए यहां जमा पुराने कचरे को हटाने का काम कर रहा है। इस तकनीक के माध्यम से कूड़े को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस कर निपटाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल पर बायो-माइनिंग का काम तेजी से चल रहा है और जमीन पर इसका असर भी साफ दिखाई दे रहा है। काम की निगरानी के लिए रोजाना ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है, ताकि प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।