Parliament Budget Session LIVE: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में भी अभी तक हंगामा ही देखने को मिला है। इस बीच शुक्रवार को भी संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है। हालांकि आज भी कार्यवाही हंगामेदार होने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने देश में एलपीजी के कथित संकट को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। संसद के मकर द्वार के पास कांग्रेस, सपा, डीएमके और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी ले रखी थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एलपीजी संकट पर चिंता जाहिर की और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की। खरगे ने कहा कि पीएम मोदी को सदन में इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश को सच जानने का अधिकार है। खरगे ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मोदी सरकार के नकली सूत्र आधारित आश्वासन उसकी पूर्ण अक्षमता को उजागर करते हैं। पश्चिम एशिया में आसन्न युद्ध के बारे में पूर्वानुमान था। फिर भी सरकार ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया। अब संकट गहराता जा रहा है और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।''
वहीं एलपीजी संकट को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "असल में हमारी एनर्जी सिक्योरिटी से कॉम्प्रोमाइज किया गया है। गलत विदेश नीति ने यह समस्या पैदा की है। अब हमें तैयारी करनी होगी। हमारे पास अभी भी थोड़ा समय बचा है। सरकार और प्रधानमंत्री को तुरंत तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, नहीं तो करोड़ों लोगों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। हम एक अस्थिर समय में जा रहे हैं। इस दौरान आपको अपनी सोच बदलनी होगी। मैं सरकार को यह सुझाव दे रहा हूं कि अब उन्हें गहराई से सोचना शुरू करना होगा और यह पक्का करना होगा कि हमारे लोगों को भारी नुकसान न हो। मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहा हूं। मुझे दिख रहा है कि एक बड़ी समस्या आने वाली है। समस्या यह है कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री के रूप में काम नहीं कर पा रहे हैं।
पीएम मोदी के बयान पर आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट है। सरकार को बताना चाहिए कि क्या उनके पास एलपीजी का पर्याप्त भंडार है।"
भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा, "यह वैश्विक समस्या है, जिस प्रकार से हमारी सरकार ने इसपर नियंत्रण करके पैनिक स्थिति पर रोक लगाई है, जमाखोरी पर रोक लगाई है और लोगों को सचेत किया है कि इसमें सब लोग संयम से काम करें। जगह-जगह अधिकारी इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं। विपक्ष इसपर राजनीति ना करे।"
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "यदि प्रधानमंत्री को लगता है कि घबराहट बेवजह है, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जमीनी स्तर पर आपूर्ति बनी रहे और बाजार, निजी क्षेत्र के साथ-साथ घरेलू क्षेत्र को भी कोई परेशानी न हो।" विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयान पर उन्होंने कहा, "फिलहाल उनके पास बहुत सीमित विकल्प हैं क्योंकि हम इस संघर्ष में कोई गंभीर भूमिका नहीं निभा रहे हैं और यह एक संघर्ष क्षेत्र है। हम अपने उन नागरिकों को कैसे निकालेंगे जो वापस आना चाहते हैं, क्योंकि अगर हवाई क्षेत्र ड्रोन और मिसाइलों से भरा हुआ है। मैं यह नहीं नकार रहा हूं कि वे संपर्क में हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस संघर्ष में हमारा प्रभाव या हमारी भूमिका कोई खास या महत्वपूर्ण है।"
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार कहते हैं, "एलपीजी की कीमतों में वृद्धि के लिए कौन जिम्मेदार है, विपक्ष या सरकार? पूरा देश देख रहा है और आप उन्हें गुमराह नहीं कर सकते।"
विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी की खबरों के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
संसद सत्र के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के सांसद अरुण भारती ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, “विपक्ष को लगता है कि सदन में जनता के मुद्दे सिर्फ वही उठा रहा है, लेकिन असल में वह जन मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं में बाधा डाल रहा है। जब किसानों के मुद्दों पर बहस चल रही थी, तब विपक्ष एक भी प्रतिक्रिया सुनने को तैयार नहीं था। वे सिर्फ अपने नेता की टिप्पणियों को आगे बढ़ाना चाहते थे, जिनका उस समय किसानों से कोई लेना-देना नहीं था। अगर वे प्रश्नकाल या शून्यकाल को सुचारू रूप से नहीं चलने देंगे, तो क्या सदन में सिर्फ ‘राहु काल’ ही चलेगा?”
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "विपक्ष पैनिक उत्पन्न कर रहा है। हम लोगों से अपील करत हैं कि पैनिक ना करें और जितनी गैस की आपको जरूरत है, उतनी ही मांग करें। जहां-जहां जमाखोरी, कालाबाजारी की शिकायत मिल रही है, वहां प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर रही है। प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। लोगों को LPG गैस सही से उपलब्ध हो जाए, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों चिंता कर रही हैं।"
लोकसभा विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "वे प्रचार के पेशेवर नेता हैं और उनका मुख्य उद्देश्य पिकनिक पर जाना है। उन्हें गरीबों की कोई चिंता नहीं है और देश यह बात जानता है।"
JDU नेता राजीव रंजन प्रसाद ने TMC और SP द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की बात पर कहा, "हमने बिहार में भी ऐसा देखा कि चुनाव आयोग के खिलाफ ऐसे ही आरोप राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लगा रहे थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बार-बार उन्हें यह अवसर दिया कि वो दस्तावेजी प्रमाण दें लेकिन ऐसा वो नहीं कर पाए। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनी, ध्यान भटकाने के लिए इस हद तक वो (विपक्ष) जा रहे हैं लेकिन ऐसी कोशिशें नाकाम होंगी।"
भाजपा सांसद के. सुधाकर ने कहा, "पीएम मोदी एक अनुभवी नेता हैं और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी दक्षता साबित की है। उन्होंने हर तरह की आपदा और चुनौतियों का सामना किया है। जब भी उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। भू-राजनीतिक मुद्दों के बावजूद, हमें पूरा विश्वास है कि यदि आप ईरान को देखें, तो इस तरह की उथल-पुथल के बाद भी उन्होंने केवल भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। पश्चिमी एशिया में भले ही हम इतनी उथल-पुथल का सामना कर रहे हों, लेकिन भारत में एलपीजी की कोई कमी नहीं होने वाली है।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "लोकसभा के विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की यह आदत बन गई है कि वे देश में भ्रम फैलाते हैं और विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं। मकर द्वार पर चाय पीते हुए और देश को गाली देते हुए उन्होंने कोविड के दौरान भी देश में भ्रम फैलाया।"
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यविराम का नोटिस दिया है और देश में एलपीजी की कमी, व्यावसायिक गैस की बढ़ती कीमतों और होटल-रेस्तरां उद्योग पर इसके प्रभाव पर चर्चा करने की मांग की है।
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