1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. राहुल गांधी के लंगड़े घोड़े वाले बयान पर बवाल, दिव्यांगजन नाराज, कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से संसद तक जाएंगे

राहुल गांधी के लंगड़े घोड़े वाले बयान पर बवाल, दिव्यांगजन नाराज, कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से संसद तक जाएंगे

 Reported By: Anurag Amitabh, Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 06, 2025 12:49 pm IST,  Updated : Jun 06, 2025 01:01 pm IST

मध्य प्रदेश दिव्यांग खेल समिति ने राहुल गांधी के बयान को अपमानजनक बताते हुए दिव्यांगजनों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। पैरा ओलंपिक संघ के खिलाड़ी भोपाल में खेलमंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और राहुल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ज्ञापन सौंपा।

Rahul gandhi- India TV Hindi
राहुल गांधी Image Source : PTI

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लंगड़े घोड़े वाले बयान पर मध्य प्रदेश में बवाल शुरू हो गया है। संसद में विपक्ष के नेता के शब्दों पर दिव्यांगजनों ने आपत्ति जताई है और इसे अपमानजनक करार दिया है। पद्मश्री से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर लोहिया वाला ने राहुल गांधी के बयान को दिव्यांगजनों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कहा है कि राहुल गांधी का बयान दिव्यांगजनों का अपमान करने वाला है।

मध्य प्रदेश दिव्यांग खेल समिति ने राहुल गांधी के बयान के खिलाफ राज्य के खेल मंत्री को ज्ञापन दिया है। पैरा ओलंपिक संघ के खिलाड़ी भोपाल में खेलमंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और राहुल गांधी हाय-हाय के नारे के साथ मंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क से लेकर संसद तक जाएंगे।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

भोपाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं की तीन कैटेगरी बताई थीं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में तीन तरह के घोड़े होते हैं, रेस के, बारात के और लंगड़े घोड़े। इसके बाद उन्होंने कहा था कि रेस के घोड़ों को दौड़ाया जाएगा। बारात के घोड़ों को बारात में भेजा जाएगा और लंगड़े घोड़ों को थोड़ा चारा-पानी देकर रिटायर कर दिया जाएगा। राहुल गांधी का आशय पार्टी के कर्मठ और कामचोर नेताओं से था। हालांकि, अब उनके शब्दों के चयन को लेकर बवाल हो रहा है।

यहां पढे़ं राहुल का पूरा बयान

राहुल ने कहा था "रेस के घोड़े और बारात के घोड़े को अलग तो करना ही पड़ेगा और पहले मैं कहता था, दो टाइप के हैं, एक रेस का घोड़ा है। कांग्रेस पार्टी कभी-कभी रेस के घोड़े को बारात में भेज देती है। यह कमलनाथ ने कहा है और कभी-कभी बारात के घोड़े को रेस की लाइन में खड़ा कर देती है। उसको पीछे से चाबुक पड़ता है, वह वहीं बैठ जाता है। मगर एक तीसरी कैटेगरी है, एक हुआ रेस का दूसरा हुआ बारात का और तीसरा होता है, कौन सा होता है? लंगड़ा घोड़ा। यह छांटना है हमें। लंगड़ा कौन सा, रेस का कौन सा है, बारात का कौन सा है। बारात वाले को बारात में भेजना है, रेस वाले को रेस में डालना है और लंगड़े वाले को रिटायर करना है कि भैया यह लो थोड़ी सी घास, चारा घास खाओ, घांस खाओ, पानी पियो, रिलैक्स करो, बाकी लोगों को तंग मत करो। बाकी घोड़े को डिस्टर्ब मत करो नहीं तो फिर कार्रवाई करनी पड़ेगी। जो लंगड़ा घोड़ा होता है, जो डिस्टर्ब करता है उसके साथ क्या होता है, जानते हो वह मैं नहीं कहूंगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत