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राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ेंगी! असम पुलिस ‘न्याय यात्रा’ के दौरान हिंसा को लेकर जारी करेगी समन

 Published : Mar 05, 2024 11:33 pm IST,  Updated : Mar 05, 2024 11:38 pm IST

राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हुई हिंसा के मामले में असम पुलिस राहुल गांधी को समन भेजेगी। यह कहना है असम के सीएम हिमंत विश्व शर्मा का। उन्होंने कहा कि ‘जब कोई कानून तोड़ता है, तो जाहिर तौर पर समन जारी किया जाएगा।'

Rahul Gandhi, Congress- India TV Hindi
राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव Image Source : PTI

बोंगाईगांव/गुवाहाटी: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। असम पुलिस भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान हुई हिंसा के लिए राहुल गांधी को समन जारी करेगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य पुलिस गुवाहाटी में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान हिंसा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समन जारी करेगी। शर्मा ने कहा कि पुलिस लोकसभा चुनाव के बाद नोटिस भेजेगी और गांधी को पुलिस के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। 

कानून तोड़ने पर जारी होगा समन

उन्होंने यहां एक आधिकारिक समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब कोई कानून तोड़ता है, तो जाहिर तौर पर समन जारी किया जाएगा। समन राहुल गांधी के पास जाएगा और उन्हें लोकसभा चुनाव के बाद यहां खड़ा होना होगा।’’ शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदर और असम कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा को जारी समन इस प्रक्रिया की ‘शुरुआत’ है। मुख्यमंत्री जनवरी में ‘न्याय यात्रा’ के दौरान शहर के अंदर मुख्य सड़कों से गुजरने की कोशिश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बैरिकेड तोड़ने पर गुवाहाटी पुलिस द्वारा दर्ज किये गये मामले का जिक्र कर रहे थे। 

कांग्रेस के अन्य नेताओं को भी समन

सीआईडी ने शुरुआती नोटिस सिकदर और पार्टी के गुवाहाटी शहर के महासचिव रमन कुमार शर्मा को जारी किये थे और उन दोनों से पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है। बाद में इसने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया और बोरा को भी समन भेजा, लेकिन वे दोनों निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘‘हमने दोनों को दूसरी बार नोटिस जारी किये हैं। सैकिया को छह मार्च को हमारे सामने पेश होने के लिए कहा गया है, जबकि बोरा को सात मार्च को पेश होने को कहा गया है।’’ बोरा ने ताजा समन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह बृहस्पतिवार को पेश नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उस दिन उनके पिता की पुण्यतिथि है और इसके अलावा, आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उनकी पार्टी की बैठक भी है। 

FIR में केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, जयराम रमेश का भी नाम

उन्होंने कहा, ‘‘गुवाहाटी में, एक ही वर्ष में 2,745 मामले दर्ज किए गए। लेकिन पुलिस उनकी पड़ताल नहीं कर सकती और उन्हें हल नहीं कर सकती, क्योंकि उनके लिए सबसे बड़ा अपराधी भूपेन बोरा ही है।’’ उन्होंने असम कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी के स्पष्ट संदर्भ में कहा, ‘‘इससे पहले, अन्य कांग्रेस नेताओं को भी यात्रा के दौरान हिंसा में उनकी कथित भूमिका के लिए नोटिस जारी किये गये थे, लेकिन उनके भाजपा में शामिल होने के बाद सब कुछ शांत हो गया। हालांकि, मैं भाजपा में शामिल नहीं होने जा रहा हूं।’’ गोस्वामी हाल ही में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हुए हैं। बैरिकेड तोड़ने के मामले में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह, जयराम रमेश, श्रीनिवास बीवी, कन्हैया कुमार, गौरव गोगोई, भूपेन कुमार बोरा और देबब्रत सैकिया सहित कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम भी प्राथमिकी में हैं। (इनपुट-भाषा)

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