तमिलनाडु की सत्तूर विधानसभा सीट पर 2026 के विधानसभा चुनाव में चौतरफा मुकाबला होने वाला है। विरुधुनगर जिले की इस महत्वपूर्ण सीट पर परंपरागत रूप से डीएमके और एआईडीएमके के बीच मुकाबला रहा है, लेकिन इस बार चौतरफा मुकाबले के समीकरण बनते दिख रहे हैं। यहां सबसे बड़ा चेहरा डीएमके के उम्मीदवार कद्दरकराई राज हैं। हालांकि, उनके लिए जीत आसान नहीं होने वाली, क्योंकि टीवीके और बीजेपी के उम्मीदवार भी पूरा दमखम लगा रहे हैं।
एनडीए गठबंधन के तहत एआईडीएमके ने यह सीट बीजेपी के लिए छोड़ दी है। बीजेपी ने इस सीट से राज्य इकाई के अध्यक्ष नैनार नगेन्द्रन को टिकट दिया है। वह तिरुनेलवेली से तीन बार के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने पहले इस सीट पर दावा किया और बाद में एआईडीएमके ने उन्हें समर्थन दिया। इससे यहां की लड़ाई रोचक हो गई है।
युवा वोटबैंक में सेंध लगा सकते हैं विजय
अभिनेता से राजनेता बने विजय की नई पार्टी टीवीके युवाओं और बदलाव के वोट बांट सकती है। टीवीके ने इस सीट से पी वेंकटरमन को टिकट दिया है। वहीं, एनटीके ने डी आनंद राजा को अपना उम्मीदवार बनाया है। इन चारों उम्मीदवारों के बीच वोट बंटे तो डीएमके उम्मीदवार को नुकसान हो सकता है। इस स्थिति में लड़ाई रोचक हो जाती है और चारों उम्मीदवारों के पास करीबी जीत हासिल करने का मौका होगा।
पिछले चुनावों का रिकॉर्ड
2021 विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन ने एमडीएमके के ए रघुरमन को टिकट दिया था, जिन्होंने एआईडीएमके के आरके रविचंद्रन को 11,179 वोटों के अंतर से हराया था। पिछले चुनाव में इस सीट पर डीएमके गठबंधन के उम्मीदवार का वोट शेयर 38.7% था। वहीं, दूसरे नंबर पर रही एआईडीएमके का वोट शेयर 32.8%)। ऐसे में इस बार के चुनाव और रोचक हो सकते हैं। 2016 में इस सीट पर एआईएडीएमके को जीत मिली थी। एसजी सुब्रमण्यन विजयी उम्मीदवार बने थे। वहीं, 2011 में भी एआईडीएमको को जीत मिली थी, तब जीत का अंतर काफी ज्यादा था। एआईएडीएमके को इस सीट पर कई बार जीत मिली है, लेकिन डीएमके का भी मजबूत आधार रहा है। इस सीट पर अक्सर कड़ी टक्कर रही है। इस बार भी एनडीए और डीएमके गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर रहने के आसार हैं। नैनार नगेन्द्रन का शिफ्ट और बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट नितिन नबीन का भव्य रोड शो दिखाता है कि बीजेपी यहां जोर लगा रही है।
विजय का असर
विजय की पार्टी वोट बांट सकती है, खासकर युवा और एंटी इनकंबेंसी वाले वोटर उनका साथ दे सकते हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण रोजगार, प्रदूषण, बुनियादी ढांचा आदि चर्चा में हैं। तमिलनाडु में डीएमके, एनडीए और टीवीके के बीच कड़ी लड़ाई है। यहां 23 अप्रैल 2026 को वोटिंग होगी और 4 मई 2026 को नतीजे आने हैं। अभी प्रचार जोरों पर है, और नतीजे अंतिम दिनों में किसी भी तरफ झुक सकते हैं।
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