1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फीचर
  4. क्या आपने कभी सोचा है कि जींस में छोटी जेब क्यों बनी होती है?

क्या आपने कभी सोचा है कि जींस में छोटी जेब क्यों बनी होती है?

 Written By: Ritu Raj
 Published : Jun 04, 2026 05:11 pm IST,  Updated : Jun 04, 2026 05:13 pm IST

जींद आज के समय लोगों की रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। मार्केट जाना हो या ऑफिस हर कोई जींस पहनना पसंद करता है। जींस पहनते वक्त क्या आपने कभी ये सोचा है कि इसमें छोटी जेब क्यों बनी होती है।

क्या आपने कभी सोचा है कि जींस में छोटी जेब क्यों बनी होती है? - India TV Hindi
क्या आपने कभी सोचा है कि जींस में छोटी जेब क्यों बनी होती है? Image Source : MAGNIFIC

समय के साथ फैशन ट्रेंड्स हमेशा बदलते रहते हैं। पहले के जमाने में बेल बॉटम पैंट फैशन को दर्शाता था तो वहींअब जींस फैशन स्टेटमेंट बन चुका है। जींस पहनते समय आपने कभी न कभी अपनी दाहिनी जेब के ऊपर बनी उस छोटी सी जेब को जरूर देखा होगा। इस छोटी सी जेब का इस्तेमाल लोग अलग अलग तरह से करते है कुछ लोग इसमें सिक्के, बस का टिकट या पेनड्राइव रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे इनमें से किसी भी चीज़ के लिए नहीं बनाया गया था? अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि जींस में ये छोटी सी जेब किस लिए बनाई गई थी। तो चलिए यहां जानते हैं जींस में बनी इस छोटी सी जेब का क्या मतलब होता है। 

पॉकेट वॉच का जमाना

इस छोटी जेब की शुरुआत 1873 में हुई थी, जब मशहूर कंपनी Levi Strauss और जेकब डेविस ने मिलकर जींस का पेटेंट कराया था। 19वीं सदी के उत्तरार्ध में, हाथ में घड़ी पहनने का चलन नहीं था। उस दौर में पुरुष 'पॉकेट वॉच' का इस्तेमाल करते थे। काउबॉय, खदानों में काम करने वाले मजदूर और रेलवे कर्मचारी अक्सर जींस पहना करते थे। काम के दौरान उनकी कीमती घड़ियां जेब से गिरकर टूट न जाएं या उन पर खरोंच न आए, इसी समस्या का हल निकालने के लिए जींस में यह छोटी सी जगह बनाई गई। इस जेब को खास तौर पर पॉकेट वॉच के आकार के हिसाब से ही डिजाइन किया गया था। ये जेब काफी टाइट होती है वो इसलिए ताकि झुकने या दौड़ने पर भी घड़ी अपनी जगह से हिले नहीं।

आज के दौर में इसका क्या काम?

आज के डिजिटल वर्ल्ड में पॉकेट वॉच का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल आजकल लोग सिक्के, अंगूठी रखने के लिए करते हैं। वहीं जींस बनाने वाली कंपनियों के अनुसार, जींस के मूल डिजाइन और उसकी ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए आज भी इसे वैसे ही डिजाइन किया जा रहा है। लेवी स्ट्रॉस के अनुसार, मूल रूप से नीली जींस की एक जोड़ी पर पहले केवल 4 पॉकेट थे, जिसमें 1 पॉकेट पीछे, 2 सामने और 1 वॉच पॉकेट।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Features से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल