हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए कथित गैंगरेप मामले की फिलहाल जांच चल रही है इस बीच जांच एजेंसियों के निशाने पर जबलपुर की एक महिला एक्टिविस्ट आ गई है। वह अपने नाम के आगे डॉ. लिखती है और 16 सितंबर से हाथरस पीड़िता के परिवार का हिस्सा बनकर रह रही थी। उसने कोविड के बहाने चेहरा ढककर परिवार की सदस्य बनकर कई न्यूज चैनलों को इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में उसने कई भड़काऊं बातें कही थी, इतना ही नहीं गांव वालों को भी फर्जी अफवाहों से भड़काया था। पुलिस के जांच शुरू करते ही वह लापता हो गई। फिलहाल पुलिस उस एक्टिविस्ट की तलाश कर रही है।
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एसआईटी की जांच में सामने आया है कि 16 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक पीड़िता के घर में रहकर महिला एक्टिविस्ट बड़ी साजिश रच रही थी। एसआईटी के सूत्र बताते हैं कि महिला एक्टिविस्ट घूंघट ओढ़कर पुलिस और एसआईटी से बातचीत कर रही थी। घटना के 2 दिन बाद से ही संदिग्ध महिला एक्टिविस्ट पीड़िता के गांव पहुंच गई थी। आरोप है कि पीड़िता के ही घर में रहकर वह परिवार के लोगों को कथित रूप से भड़का रही थी।
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