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उत्तर प्रदेश: लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली का रास्ता हुआ साफ, 2005 के बाद से नहीं हुए हैं चुनाव

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 14, 2019 01:28 pm IST,  Updated : Dec 14, 2019 01:28 pm IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 2012 में दाखिल उक्त रिट याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लेने के कारण इसे निरस्त कर दिया।

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High Court’s dismissal of 2012 petition paves way for Lucknow University student union elections | PTI File  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 2012 में दाखिल उक्त रिट याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लेने के कारण इसे निरस्त कर दिया। वर्ष 2016 और 2017 में कुछ याचिका इस बारे में डाली गई थी, जिन्हें न्यायालय ने 2012 की याचिका से सम्बद्घ कर दिया। उक्त सभी याचिकाओं के याचिकाकर्ताओं ने इसे वापस लेने की अनुमति मांगी थी, जिसे न्यायालय ने मंजूर करते हुए याचिकाओं को शुक्रवार को निरस्त कर दिया है।

यह आदेश जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी व जस्टिस विकास कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने पारित किया। 2012 में छात्र हेमंत सिंह ने याचिका दायर कर मांग की थी कि उसे चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। छात्र का कहना था कि विश्वविद्यालय ने आयु सीमा का निर्धारण अकाद्मिक सत्र प्रारंभ होने के समय से न करके नामांकन की तिथि से किया है, जिससे वह उम्र अधिक होने के कारण चुनाव लड़ने के अयोग्य होने जा रहा है। छात्र ने आयु सीमा का निर्धारण अकाद्मिक सत्र से करने की मांग की थी। 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया था कि लिंगदोह कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने लखनऊ विश्वविद्यालय को अभी तक श्रेणीबद्घ नहीं किया है। इनके मद्देनजर कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2012 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए 15 अक्टूबर 2012 को होने वाले चुनाव पर रोक लगा दी थी। वह रोक चलती रही। अब याचिका वापस लेने के चलते रोक स्वत: समाप्त हो गई है। राज्य विश्वविद्यालय ABVP प्रमुख विवेक सिंह ने कहा, ‘यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव होना बहुत जरूरी है। यहां लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार व छात्रों के शोषण पर भी अंकुश लगेगा। अब फिर से विश्वविद्यालय राजनीति की नर्सरी चैतन्य होगी।’

विश्वविद्यालय के कुलपति एस.के शुक्ला ने कहा, ‘कोर्ट के निर्णय का सम्मान है। छात्रों से ही विश्वविद्यालय है।’ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ से जुड़े एक वरिष्ठ छात्रनेता ने बताया कि अंतिम बार वर्ष 2005 में छात्रसंघ चुनाव हुआ था। 2001 और 2002 में लखनऊ विश्वविद्यालय में चुनाव नहीं हुए। साल 1994 में अरविन्द सिंह गोप, 1995 में ओंकार भारती, 1996 में प्रमोद तिवारी, 1997 में अरविन्द कुमार सिंह, 1998 में संतोष सिंह, 1999 में दया शंकर सिंह 2000 शैलेश कुमार सिंह शैलू, 2003 अभिषेक सिंह, 2004 में राजपाल कश्यप, 2005 में बजरंगी सिंह बज्जू अध्यक्ष रहे। (IANS)

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