1. Hindi News
  2. भारत
  3. उत्तर प्रदेश
  4. यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानी पाने के लिए पिछड़ी जाति में कर ली है शादी लेकिन नई आरक्षण लिस्ट ने बिगाड़ा खेल

यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानी पाने के लिए पिछड़ी जाति में कर ली है शादी लेकिन नई आरक्षण लिस्ट ने बिगाड़ा खेल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 22, 2021 08:25 pm IST,  Updated : Mar 22, 2021 08:27 pm IST

गांवों में प्रधानी का क्रेज इस कदर हावी है कि कुछ प्रत्याशियों ने पिछड़ी जातियों में शादी भी कर ली, ताकि आरक्षण सूची में इसका लाभ मिल सके लेकिन मुरादाबाद में नई आरक्षण लिस्ट ने चुनावी बिसात बदल दी है। 

यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानी पाने के लिए पिछड़ी जाति में कर ली है शादी लेकिन नई आरक्षण लिस्ट ने बिगाड़ा- India TV Hindi
यूपी पंचायत चुनाव: प्रधानी पाने के लिए पिछड़ी जाति में कर ली है शादी लेकिन नई आरक्षण लिस्ट ने बिगाड़ा खेल Image Source : INDIA TV

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुट गया है। इधर गांवों में प्रधानी का क्रेज इस कदर हावी है कि कुछ प्रत्याशियों ने पिछड़ी जातियों में शादी भी कर ली, ताकि आरक्षण सूची में इसका लाभ मिल सके लेकिन मुरादाबाद में नई आरक्षण लिस्ट ने चुनावी बिसात बदल दी है। प्रधानी के लिए दूसरी बिरादरी से शादी करने का फॉर्मूला भी काम नहीं आ रहा है। आरक्षण की नई सूची जारी होने से गांव का आरक्षण बदल गया है, जिससे प्रधानी का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों में उदासी छा गई है। प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की अब तक हुई तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट लेकर सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले। 

 
नई आरक्षण लिस्ट ने बदली दी चुनावी बिसात

कुंदरकी, बिलारी, डिलारी, ठाकुरद्वारा, छजलैट, भगतपुर टांडा, मूंढापांडे और मुरादाबाद ब्लाक के तमाम गांव में नए सिरे से आरक्षण जारी होने के बाद सियासी माहौल बदल गया है। चुनाव के लिए पिछले कई महीनों से मेहनत करने वाले लोग घरों में बैठ गए हैं। नए चेहरों ने वोट मांगने शुरू कर दिए हैं। जिन लोगों के घरों में अब तक प्रत्याशी वोट मांगने के लिए पहुंच रहे थे, उनमें से ही कई लोग अब वोट अपने लिए मांगने लगे हैं। गांवों का यह नजारा कुछ लोगों को परेशान भी कर रहा है।

प्रधानी के लिए दूसरी बिरादरी से कर ली शादी

वोट बनवाने के लिए आधार कार्ड में संशोधन कराते हुए पिता का नाम हटाकर पति का नाम दर्ज कराया था। नई दुल्हन अभी मायके में ही है। लेकिन, उसके सहारे पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने के लिए सियासी गोटियां बिछाई जा रहीं थी। पति और जेठ ने युवती को जिताने के लिए दिनरात मेहनत शुरू कर दी है। वायदे के मुताबिक जीतने के बाद ही युवती की विदाई होनी थी। प्रधानी के लिए दूसरी बिरादरी की युवती से शादी करने का यह मामला चर्चा विषय बना। बीते रविवार को हाईकोर्ट के आदेश के नए फार्मूले पर आरक्षण की नई सूची जारी होने से गांव का आरक्षण बदल गया और शादी करने वाले परिवार में मायूसी छा गई।

नई आरक्षण लिस्ट ने फेरा पानी

मुरादाबाद जिले में परिसीमन के बाद 643 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। इन सभी ग्राम पंचायतों का वर्ष 1995 को आधार मानकर प्रशासन ने आरक्षण सूची जारी कर दी थी। इसी सूची को आधार मानकर जिले के कुछ प्रत्याशियों ने पिछड़ी जातियों में शादी भी की थी। क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्डों के आरक्षण में भी यही फार्मूला अपनाया गया था। सभी सूचियां फाइनल हो चुकी थीं। इसी बीच लखनऊ हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 को आधार मानकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण जारी करने के आदेश कर दिया। सोमवार देर शाम आरक्षण सूची जारी होने के बाद मुरादाबाद के गांवों की सियासत ही बदल गई है। जिन गांव को पहली सूची में अनारक्षित रखा गया था, वहां चुनाव की तैयारी करने वाले संभावित प्रत्याशियों से चेहरे पर मायूसी है।

सामने आया अनोखा मामला

आजादी के बाद पहली बार असदपुर गांव पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। गांव का एक व्यक्ति पिछले दो साल से प्रधान पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी में लगा था। लेकिन, 3 मार्च को आरक्षण की सूची लगी तो असदपुर गांव पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हो गया था। इससे कई लोगों के सपने टूट गए। घर पर आराम से बैठ गए। लेकिन, एक व्यक्ति ने ठान लिया कि प्रधान पद के लिए हर हाल में चुनाव लड़ना है। मैं नहीं तो क्या हुआ, कोई और चुनाव लड़ेगा। इसके चलते उन्होंने पिछड़ा वर्ग की युवती को तलाश लिया। प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपने छोटे भाई से युवती की शादी करा दी।

मौजूदा प्रस्तावित समय सारिणी के अनुसार अगर 26 या 27 मार्च को पंचायती राज विभाग की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को सीटों के आरक्षण और आवंटन का पूरा ब्यौरा मिल जाता है तो उसके बाद सरकार की अधिसूचना जारी होगी और फिर उसके बाद 30 या 31 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग अपनी अधिसूचना के साथ चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। 

Latest Uttar Pradesh News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Uttar Pradesh से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत