Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मुसलमानों की ‘सच्ची हितैषी’ पार्टी करार दिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुस्लिम तबके को 'वोट बैंक' की तरह इस्तेमाल करने वाले कथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने उसके जरिए सत्ता तो हासिल की लेकिन मुसलमानों को उनका वाजिब हक नहीं दिया। पाठक ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा आयोजित पसमांदा मुसलमानों के सम्मेलन में कहा "तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। इन पार्टियों ने मुस्लिम समाज का वोट लेकर बार-बार सत्ता हासिल की लेकिन इस तबके को उसका अधिकार कभी नहीं दिया। यही वजह है कि मुसलमान आज बेहद पिछड़े हैं।"
'मुसलमानों की तरक्की की चिंती पहले किसी पार्टी ने नहीं की'
ब्रजेश पाठक ने कहा कि भाजपा मुसलमानों की सच्ची हितैषी है और वही उन्हें मुख्यधारा में लाने के सार्थक प्रयास कर रही है तथा इसके लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है जिनका लाभ मुस्लिम समाज को हो रहा है। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान में अगर मुसलमानों की कोई हमदर्द पार्टी है तो वह भाजपा ही है। अंसारी ने आगे कहा कि जिस तरह भाजपा मुसलमानों की शिक्षा, सुरक्षा और तरक्की की चिंता कर रही है वह पहले किसी और पार्टी ने कभी नहीं की।
'पिछड़ेपन की एक सबसे बड़ी वजह शिक्षा का न मिलना'
अंसारी ने कहा कि मुसलमानों के पिछड़ेपन की एक सबसे बड़ी वजह यह है कि उन्हें कभी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं लेने दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने मुसलमानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि मुस्लिम समाज को मुख्यधारा में लाया जाए और अशिक्षा के अंधेरे को पूरी तरह खत्म किया जाए।
'दूसरी पार्टियों ने सिर्फ राजनीतिक हित साधा'
भाजपा के राज्यसभा सदस्य गुलाम अली ने इस मौके पर कहा कि मुस्लिम समाज के लिए यह जरूरी है कि वह सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरा लाभ लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों ने अभी तक मुस्लिम समाज को भाजपा का डर दिखाकर अपने राजनीतिक हित साधने के अलावा और कुछ नहीं किया तथा अब जरूरत इस बात की है कि मुसलमान यह समझें कि कौन उनके भले के लिए काम कर रहा है और किसने उन्हें अभी तक इस्तेमाल किया था।
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