रामबन: जम्मू-कश्मीर के रामबन में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस दौरान कई लोगों की मौत हो गई तो कई लोगों के घर भी गिर गए। वहीं सैकड़ों लोगों को दूसरी जगह पर विस्थापित करना पड़ा। वहीं सीएम उमर अब्दुल्ला आज मंगलवार को भूस्खलन से हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए रामबन शहर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने रामबन में सीएम उमर अब्दुल्ला की गाड़ी रोकी और बाढ़ और भूस्खलन के बाद हुई अपनी कठिनाइयों के बारे में उनसे बात करने की मांग की। यहां जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया और पुनर्निर्माण कार्यों के संबंध में अधिकारियों से बात की।
काम में लाई जा रही तेजी
इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "काम में जितनी तेजी लाई जा सकती है लाई जा रही है। हमारी पहली प्राथमिकता थी कि लोगों की कीमती जान न जाए। हमने लोगों को मौके से निकाला और उन्हें दूसरी जगहों पर बसाया। हमारी दूसरी प्राथमिकता सड़क को जोड़ना है, क्योंकि सड़कों के बिना यहां तक राहत सामग्री लाना मुश्किल होगा। अफसरों ने हमें यकीन दिलाया है कि अगले 24 घंटे में यह हाईवे सिंगल ट्रैक पर खोल दिया जाएगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि सरकार की ओर से हमें जो मदद मिलनी चाहिए वह मिलेगी। हमारा पूरा प्रयास है कि अगले 24 घंटे के भीतर हाईवे खोला जाए, लेकिन आगे ऐसे हालात न बनें इसका भी प्रयास किया जाएगा। मेरा प्रयास है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी और खासकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मौके पर लाया जाए।"
केंद्रीय मंत्री ने दी राहत कार्य की जानकारी
वहीं रामबन भूस्खलन को लेकर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, "रामबन अपडेट- राहत कार्य जोरों पर हैं। सबसे प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है। डीसी बसीर चौधरी व्यक्तिगत रूप से प्रभावित क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। 1762 डी.टी. में से 1486 डी.टी. बहाल कर दी गई हैं और शेष 286 डी.टी. पर काम चल रहा है। जलापूर्ति के लिए, 98 में से, डब्ल्यू.एस.एस. की 89 जलापूर्ति योजनाएं चालू कर दी गई हैं और शेष 9 योजनाओं पर बहाली का काम चल रहा है। कल तक राष्ट्रीय राजमार्ग आंशिक रूप से बहाल होने की संभावना है। मैं प्रशासन के साथ आगे के उपायों पर काम करने के लिए कल व्यक्तिगत रूप से जिला मुख्यालय रामबन में रहने की योजना बना रहा हूं।"
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