मानसून की तेज रफ्तार का असर पहाड़ से लेकर मैदान तक पड़ रहा है। जम्मू कश्मीर और पंजाब में मानसून की जबरदस्त मार पड़ी है। जम्मू में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है तो पठानकोट में लगातार बारिश के बाद चक्की नदी में जलस्तर बढ़ने से चक्की पुल पर आवाजाही रोक दी गई है। लगातार हो रही बारिश के चलते जम्मू के विभिन्न हिस्सों में खासा नुकसान पहुंचा है। जगह-जगह जलजमाव है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
जम्मू के रूप नगर, तलब तिलो और जानीपुर इलाके में गलियों और बाज़ारों में पानी भर गया है। बाढ़ का पानी कई घरों के अंदर घुस गया है। फर्नीचर समेत दूसरे घरेलू सामान बर्बाद हो गए हैं। इस बीच सरकार ने खराब मौसम को देखते हुए स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जम्मू डिवीजन में सोमवार (25 अगस्त) को सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
लगातार हो रही बारिश की वजह से जम्मू का IIIM कैंपस पानी में डूब हो चुका है। हॉस्टल का ग्राउंड फ्लोर जल मग्न हो चुका है। SDRF की टीम कड़ी मशक्कत के बाद बोट के जरिए सैलाब में फंसे 90 छात्रों और स्टाफ को बाहर निकाल सकी।
जम्मू पर आने वाले कुछ घंटे बेहद भारी पड़ने वाले हैं। मुश्किल ये है कि मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक जम्मू कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड और बादल फटने का खतरा बना हुआ है। उधमपुर के बलीनाला के पास भारी लैंड स्लाइड हुआ जिससे पेट्रोल पंप की दीवार ढह गई। पहाड़ से पत्थर खिसकने के कारण यहां भारी नुकसान हुआ है। हालांकी जान माल की क्षति नहीं हुई।
कठुआ में भारी बारिश के बाद सहार खाद नदी ने अपनी सरहदों को तोड़ दिया, रास्ता छोड़कर बहने लगी। बरसाती पानी में इतना तेज करंट था कि जम्मू-पठानकोट हाईवे पर बना पुल भी संभल नहीं पाया। लगातार पानी की थपेड़ों से पुल धराशाई हो गया। आने वाले कुछ घंटों में बारिश ऐसी ही हुई तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं इसीलिए कठुआ में पुलिस लोगों से टूटे ब्रिज के पास ना जाने की अपील कर रही है।
जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने रविवार को अधिकारियों को सभी प्रमुख नदियों के जल स्तर की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निर्देश में झेलम, रावी व तवी नदियों और उनकी सहायक नदियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
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