जम्मू-कश्मीर: वन्यजीव संरक्षण विभाग की टीम ने राजौरी जिले के जवाहर नगर इलाके में एक रिहायशी घर से एक कस्तूरी बिलाव यानी Civet Cat और उसके चार शावकों को बचाया है। विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी।
शावकों के साथ इलाके में घुसा
विभाग को सूचना मिली थी कि एक कस्तूरी बिलाव अपने शावकों के साथ सीमावर्ती जिले के जवाहर नगर इलाके में घुस आया है। सूचना मिलते ही वन्यजीव संरक्षण विभाग ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया
एक अधिकारी ने बताया कि टीम ने सावधानीपूर्वक कस्तूरी बिलाव और उसके चार शावकों को एक घर से निकाला। बचाव के बाद कस्तूरी बिलाव को आवश्यक जांच और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिले के एक वन्यजीव केंद्र में ले जाया गया। जांच पूरी होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
कैसे दिखते हैं कस्तूरी बिलाव?
कस्तूरी बिलाव (Civet) छोटा, पतला और बिल्ली के आकार का दिखते वाला जीव है। यह एक तरह का निशाचरी (रात में सुक्रिय रहने वाला) स्तनधारी प्राणी है, जो एशिया और अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसे गंधमार्जार या गंधबिलाव भी कहा जाता है। कस्तूरी बिलाव अपनी पूंछ के नीचे एक विशेष गंध ग्रंथि रखते हैं, जिससे एक तीव्र कस्तूरी जैसी गंध निकलती है। ऐतिहासिक रूप से इस कस्तूरी का इस्तेमाल इत्र और दवाओं में किया जाता रहा है।
रात में एक्टिव होते हैं ये जीव
कस्तूरी बिलाव सर्वाहारी होते हैं। इनके आहार में छोटे स्तनधारी जीव, चूहे, पक्षी, सांप, मछलियां, मेंढक, पक्षियों के अंडे, फल और जड़ें शामिल होते हैं। कस्तूरी बिलाव मुख्य रूप से रात में सक्रिय होते हैं और दिन में आराम करते हैं। ये पेड़ों पर चढ़ने में माहिर होते हैं। कस्तूरी बिलाव की कई प्रजातियां हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं- एशियाई पाम सिवेट, मास्क्ड पाम सिवेट, अफ्रीकी सिवेट, बड़ा भारतीय कस्तूरी बिलाव, छोटा भारतीय कस्तूरी बिलाव और धारीदार ताड़ कस्तूरी बिलाव। (भाषा इनपुट के साथ)
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