1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. Sopore Election Result 2024: कश्मीर की सोपोर सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के इरशाद रसूल जीते

Sopore Election Result 2024: कश्मीर की सोपोर सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के इरशाद रसूल जीते

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 08, 2024 07:30 am IST,  Updated : Oct 08, 2024 07:03 pm IST

Sopore Election Result 2024: सोपोर विधानसभा सीट पर 1 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी, जहां 41.44 फीसदी मतदान हुआ। यहां से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार इरशाद रसूल ने जीत दर्ज की है।

सोपोर विधानसभा चुनाव- India TV Hindi
सोपोर विधानसभा चुनाव

Sopore Election Result 2024: जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म होने के 10 साल बाद विधानसभा के चुनाव हुए। तीन चरण में संपन्न हुए चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। जम्मू-कश्मीर की सोपोर विधानसभा सीट की बात करें तो यहां आखिरी चरण में 1 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी, जहां 41.44 फीसदी मतदान हुआ। यहां से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार इरशाद रसूल ने जीत दर्ज की है। इरशाद रसूल ने निर्दलीय प्रत्याशी मुरसलीन अजीर को 20356 वोटों के अंतर से हराया है।

मैदान में किस पार्टी के प्रत्याशी?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन में चुनाव लड़ रहे थे। हालांकि, पांच सीटों पर फ्रेंडली फाइट का ऐलान किया था, जिसमें सोपोर विधानसभा सीट भी शामिल थी। बारामूला जिले के तहत 7 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें एक सोपोर है। इस सीट से कांग्रेस की ओर से अब्दुल राशिद डार चुनावी मैदान में थे, तो वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने इरशाद रसूल कर को टिकट दिया था। इसके अलावा पीडीपी से इरफान अली लोन चुनाव लड़ रहे थे। बीजेपी ने जिन 28 सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं उनमें सोपोर भी शामिल है। वहीं, यहां से संसद पर हमले का दोषी अफजल गुरु के भाई एजाज गुरु निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है।

इस सीट का चुनावी इतिहास

सोपोर विधानसभा सीट का अस्तित्व 1962 में आया था। तब से लेकर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सबसे अधिक बार यहां से जीत हासिल की है। 1962 के चुनाव में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस अब्दुल घनी मलिक पहली बार विधायक चुने गए थे। घाटी के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी भी यहां से तीन बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। 1972 और 1977 में दो बार वह जमात-ए-इस्लामी कश्मीर के टिकट पर चुने गए, जबकि 1987 में वह निर्दलीय मैदान में उतरे और तीसरी बार विधायक बने। सैयद अली शाह गिलानी के बाद यह सीट जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच की सीट बनकर रह गई। दोनों बारी-बारी से चुनाव जीतते रहे। 1996 में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस तो 2002 में कांग्रेस को जीत मिली। फिर 2008 में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस जीती तो 2014 के चुनाव में कांग्रेस फिर से जीत हासिल करने में कायमाब रही। सोपोर विधानसभा सीट पर 2014 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर अब्दुल राशिद डार ने जीत दर्ज की थी। आतंकवाद से बुरी तरह से प्रभावित सोपोर सीट पर तब बेहद कम वोटिंग हुई थी। यहां महज 31 फीसदी ही वोटिंग हुई थी। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।