झारखंड राज्य बिजली विनियामक आयोग (JSERC) ने राज्य के उपभोक्ताओं को झटका देते हुए बुधवार को बिजली दरों में औसतन 6.34 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह नई दरें 1 मई 2025 से प्रभावी होंगी।
संशोधित दरों के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 6.30 रुपये की जगह 6.70 रुपये चुकाने होंगे। वहीं, शहरी उपभोक्ताओं के लिए दर 6.65 रुपये से बढ़ाकर 6.85 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। ग्रामीण उपभोक्ताओं पर 40 पैसे और शहरी उपभोक्ताओं पर 20 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
आयोग के सदस्य महेंद्र प्रसाद ने बताया कि यह दर वृद्धि राज्य की बिजली आपूर्ति की लागत और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह वृद्धि उन उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगी जो प्रति माह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं।
नई दरें
- ग्रामीण क्षेत्र: 6.30 रुपये से बढ़ाकर 6.70 रुपये प्रति यूनिट
- शहरी क्षेत्र: 6.65 रुपये से बढ़ाकर 6.85 रुपये प्रति यूनिट
एक अन्य अधिकारी ने जानकारी दी कि झारखंड में कुल लगभग 46 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 40 लाख उपभोक्ता इस 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आते हैं। यानी यह वृद्धि केवल शेष 6 लाख उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी।
दरअसल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में 40.02 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन JSERC ने आम जनता पर अत्यधिक बोझ न डालते हुए केवल 6.34 प्रतिशत की वृद्धि को ही मंजूरी दी।
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