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झारखंड में अब सभी दिव्यांगों को मिलेगा समान आरक्षण, जानें कैसे बनेगा UDID कार्ड

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 04, 2025 02:51 pm IST,  Updated : Dec 04, 2025 02:51 pm IST

डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि अब झारखंड में दिव्यांगों के लिए निर्धारित प्रतिशत की बाध्यता को समाप्त किया जाएगा। हर वर्ग के दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सरकार की ओर से पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PTI

झारखंड विकलांगों के लिए निर्धारित प्रतिशत बाध्यता खत्म करने वाला पहला राज्य बन गया है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जमशेदपुर में दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण किया और सरकार की नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों के लिए निर्धारित प्रतिशत की बाध्यता को समाप्त किया जाएगा। अब हर वर्ग के दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सरकार की ओर से पेंशन उपलब्ध कराई जाएगी। 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह मामला कैबिनेट से जुड़ा है और जमशेदपुर से लौटने के बाद वह इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखेंगे। उनके इस ऐलान के बाद विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) चर्चा में है। यहां हम बता रहे हैं कि इस कार्ड को बनवाने की प्रक्रिया क्या है?

यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए क्या जरूरी?

यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना जरूरी है। शारीरिक, मानसिक या बौद्धिक रूप से विकलांग व्यक्ति ही यह कार्ड बनवा सकते हैं और ई-केवाई वाला आधार कार्ड भी इसके लिए जरूरी है। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान प्रमाण (जैसे वोटर आईडी, पैन कार्ड), पता प्रमाण (जैसे राशन कार्ड, बिजली बिल), आयु प्रमाण (जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल सर्टिफिकेट) और बैंक खाते की जानकारी देना जरूरी है।

आवेदन की प्रक्रिया 

  • आधिकारिक वेबसाइट (swavlambancard.gov.in) पर जाएं। 'Apply for Disability Certificate and UDID' पर क्लिक करें। 'New Applicant Register' पर क्लिक करके मोबाइल नंबर, ईमेल और आधार नंबर दर्ज करें। OTP से वेरिफाई करें।
  • लॉगिन करने के बाद व्यक्तिगत विवरण (नाम, पता, जन्म तिथि), विकलांगता विवरण (प्रकार, प्रतिशत), रोजगार/शिक्षा विवरण और पहचान विवरण भरें। 
  • आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करें। आपको एक एप्लीकेशन रिफरेंस नंबर मिलेगा।
  • आवेदन CMO कार्यालय या अधिसूचित मेडिकल अथॉरिटी (जैसे जिला अस्पताल) को भेजा जाएगा। वे सत्यापन करेंगे और आपको विशेषज्ञ/मेडिकल बोर्ड के पास रेफर करेंगे। वहां विकलांगता का मूल्यांकन होगा। निकटतम मेडिकल अथॉरिटी ढूंढने के लिए पोर्टल पर राज्य/जिला चुनें।
  • मूल्यांकन पूरा होने पर ई-डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट और ई-UDID कार्ड इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी होगा। यह लाइफटाइम वैलिड होता है (18 वर्ष से ऊपर के लिए)।
  • लॉगिन करके होमपेज से ई-कार्ड डाउनलोड करें। फिजिकल कार्ड डाक से भी भेजा जा सकता है।

ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया

  • सीएमओ कार्यालय, जिला कलेक्टर कार्यालय या पीडब्ल्यूडी कैंप में आवेदन जमा करें। बाद में इसे डिजिटाइज किया जाएगा।
  • आवेदन सबमिशन से 30-60 दिनों में कार्ड जारी हो जाता है।
  • पोर्टल पर 'Track Your Application' से आवेदन स्थिति जांचें। आवेदन नंबर और कैप्चा डालें।

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