रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अंडा उत्पादन में सब्सिडी देने की योजना बनाई है। यह फैसला मंगलवार शाम को रांची में हुई कृषि और पशुपालन विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में लिया गया। राज्य की कृषि और पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभाग को निर्देश दिया कि अंडा उत्पादन के लिए सब्सिडी आधारित प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि झारखंड में अंडों का उत्पादन राज्य की मांग के अनुसार हो। इस सब्सिडी से अंडा उत्पादन करने वाले लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी।'
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'क्लस्टर फॉर्मेट पर काम किया जाएगा'
नेहा तिर्की ने यह भी कहा कि पशुधन योजना के तहत लाभ देने के लिए क्लस्टर फॉर्मेट पर काम किया जाएगा। खास तौर पर उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पलायन की समस्या ज्यादा है। इसके अलावा, राज्य में प्राकृतिक खेती के लिए 88 क्लस्टर स्थापित करने की योजना भी बन रही है। मंत्री ने गांव स्तर के कार्यकर्ताओं (विलेज लेवल वर्कर्स) को ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया। इन कार्यकर्ताओं को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के एक्सपर्ट्स द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग से उन्हें खेती में रोजाना होने वाले बदलावों और साइंटिफिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
'रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे'
माना जा रहा है कि अगर सरकार का प्लान ठीक तरीके से जमीन पर उतरता है तो यह न केवल अंडा उत्पादन को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। सरकार की इस पहल से झारखंड में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठने की उम्मीद है। बता दें कि अंडा उत्पादन के मामले में झारखंड देश में टॉप-10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है। देश में सबसे ज्यादा अंडों का उत्पादन आंध्र प्रदेश में होता है और इसके बाद तमिलनाडु और तेलंगाना का नंबर आता है। देश में अंडा उत्पादन के मामले में दक्षिण भारत के राज्यों का वर्चस्व है। (भाषा)