झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने शुक्रवार को पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत प्राप्त धनराशि को लेकर केंद्र को समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कराने का प्रदेश के विभागों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय पर प्रमाण पत्र जमा कराने से शेष धनराशि पर राज्य का दावा मजबूत होगा और वित्तीय अनुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होगी। तिवारी संबंधित विभागों के सचिवों के साथ योजना की समीक्षा कर रही थीं।
केंद्र सरकार विशेष सहायता के तहत राज्यों को 50 वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करती है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य को 5,255.14 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें से 4,580.62 करोड़ रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके हैं।
झारखंड को मिलेगी 1,250 करोड़ की मदद
विज्ञप्ति में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राज्य ने 4,302 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं, जिसमें से 2,763 करोड़ रुपये मंजूर कर दिये गए और अब तक 1,233 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। बयान के मुताबिक, इसके अतिरिक्त, राज्य इस योजना के तहत अतिरिक्त 1,250 करोड़ रुपये के लिए पात्र है। विज्ञप्ति में बताया गया, “अगर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम किया जाता है, तो विशेष सहायता के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,600 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।” बयान में बताया गया, “उद्योग विभाग को केंद्र सरकार द्वारा शेष राशि जारी करने से पहले खर्च की गई 75 प्रतिशत धनराशि का उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक है।”
दिल्ली में किसानों को नहीं मिला लाभ
कुछ समय पहले ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया था कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के चलते दिल्ली के किसानों को केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार से आवेदन मिलने के बाद ही केंद्र सरकार किसी भी योजना का पैसा आवंटित करती है। दिल्ली सरकार ने योजनाओं के पैसे आवंटन के लिए आवेदन ही नहीं किया। इस वजह से दिल्ली के किसानों को केंद्र की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। (इनपुट- पीटीआई भाषा)