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पितृपक्ष सोमवती अमावस्या को करें ये उपाय, नही होगी धन की कमी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Oct 09, 2015 11:02 pm IST,  Updated : Oct 14, 2015 05:06 pm IST

नई दिल्ली: हिंदू धर्म के अनुसार सोमवती अमावस्या श्राद्ध पक्ष में आती हो तो यह जीवन के सबसे उत्तम क्षणों में होता है। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार 28 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हुए थें जो

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पितृदोष की मुक्ति के लिए अपनाएं ये उपाय

नई दिल्ली: हिंदू धर्म के अनुसार सोमवती अमावस्या श्राद्ध पक्ष में आती हो तो यह जीवन के सबसे उत्तम क्षणों में होता है। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार 28 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हुए थें जो 12 अक्टूबर तक है। इस श्राद्ध पक्ष में दिवंगत पितरों को खुश रखने के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराने के साथ-साथ दान के महत्व को विशेष माना गया है।

अगर आप चाहते है कि आपके घर में सुख-शांति, धन-संपत्ति बनी रहे जिससे लिए आप न जानें क्या-क्या करते है। इस बार के सोमवती अमावस्या का विशेष सयोंग है। इस दिन पितृपक्ष और शिव भगवान की पूजा करनें से विशेष फल प्राप्त होगा। इस पितृपक्ष सोमवती अमावस्या में करें ये उपाय जो आपके घर में कभी भी धन की कमी नही होगी। इस दिन आप कुछ उपाय कर अपना भाग्य को बदल सकते हैं। जानिए इस दिन कौन से उपाय करें कि आपका भाग्य बदल जाएगा। 

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  • पितृ पक्ष सोमवती अमावस्या के दिन अपने पितरों के नाम पर दान-पुण्य करें। अगर आपको पितृदोष है तो इस दिन गाय, भिखारी तथा छोटे बच्चों को खाना खिलाएं और जितना संभव हो उतना दान दें। जिससे आपके सभी समस्या हल होगी और आप उन्नति करेगें।
  • पितृपक्ष की सोमवती अमावस्या का एक अलग ही महत्व है और इस बार तो इसका विशेष सयोंग है। इस दिन आप पीपल के पूजन में दूध, दही, मीठा, फल, फूल, जल, जनेऊ जोड़ा चढ़ाने और दीप दिखाएं इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी, क्योंकि माना जाता है पीपल के मूल में भगवान विष्णु, तने में भगवान शिव जी तथा अग्रभाग में भगवान ब्रह्मा जी का निवास है। इसलिए सोमवती अमावस्या को पीपल के पूजन से अक्षय पुण्य, लाभ तथा सौभाग्य की वृद्धि होती है। साथ ही इस मंत्र का जाप करते रहें और  कम से कम 108 बार पीपल की परिक्रमा करें।--ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

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