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पराक्रमी छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती, महज 31 साल की उम्र तक 128 युद्ध जीत चुके थे महा योद्धा

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : May 14, 2020 12:32 pm IST,  Updated : May 14, 2020 06:21 pm IST

मराठा साम्राज्य के महान शासक और योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े पुत्र संभाजी महाराज की जयंती हर साल 14 मई को मनाई जाती है।

संभाजी जयंती- India TV Hindi
संभाजी जयंती Image Source : TWITTER/SHUBHAM_INDIAN9

अद्वितीय योद्धा एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महापराक्रमी छत्रपति संभाजी महाराज जी की जयंती 14 मई को हैं। वह छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े पुत्र हैं।  इन दिन महाराष्ट्र में काफी रौनक देखने को मिलती हैं। इस खास अवसर पर आप भी मैसेज और तस्वीरों के जरिए दें शुभकामनाएं।

संभाजी महाराज जयंती मनाने की तिथि

संभाजी महाराज का जन्म 14 मई 1657  को पुणे से 50 किलोमीटर दूर पुरंदर किले में हुआ था। संभाजी महाराज का बचपन दादी की गोद में बीता, पिता शिवाजी हमेशा देशसेवा और युद्ध में व्यस्त रहते थे। महज साढ़े आठ साल में संभाजी महाराज 14 भाषाओं के ज्ञाता बन चुके थे।

संभाजी महाराज के मन में देश सेवा का जज्बा पिता को देखकर जगा। महज नौ साल की उम्र जब बच्चे खिलौनों से खेलते हैं,संभाजी घोड़े पर बैठकर महाराष्ट्र के रायगढ़ से आगरा पहुंचे। यहां ओरंगजेब ने चालाकी से उन्हें पिता सहित बंदी बना लिया। ये संभाजी महाराज की दिलेरी थी कि उन्होंने औरंगजेब की कैद से न केवल पिता को छुड़वाया बल्कि कुछ दिन बाद खुद भी किले से आजाद होकर रायगढ़ पहुंच गए। 

कहा जाता है कि वो न्यायप्रिय थे। पिता जी की अनुपस्थिति में संभाजी महाराज नियमित तौर पर जनता दरबार और न्याय दरबार संभाला करते थे। जहां वो जनता की परेशानियां सुनते औऱ उन्हें न्याय मिले, इसका प्रबंध करते। 14 साल तक संभाजी महाराज युद्ध, शासन और अर्थशास्त्र में पूरी तरह पारंगत हो चुके थे। जनता उन्हें बहुत चाहती थी औऱ उनके फैसलों का सम्मान करती थी। 

इतनी छोटी सी उम्र में ही संभाजी महाराज ने तीन ग्रंथ लिखे थे। इन तीन ग्रंथों का नाम है, नखशिखांत, नायकिभेद औऱ सात शातक। सात शातक आज भी काफी प्रसिद्ध हैं।

1681 में संभाजी महाराज को विधिवत छत्रपति का ओहदा प्रदान किया गया। कहा जाता है कि महज 31 साल की उम्र तक बेहद शक्तिशाली, बुद्धिमान औऱ स्वाभिमान संभाजी महाराज ने 128 युद्ध जीत लिए थे। कहा जाता है कि संभाजी महाराज धर्म औऱ न्याय के प्रणेता थे और उन्होंने हमेशा मराठा हितों के लिए काम किया। मराठा इतिहास में संभाजी महाराज का नाम हमेशा सम्मान से लिया जाता रहेगा। ऐसे वीर योद्धा को इंडिया टीवी का शत शत नमन। 

संभाजी जयंती
Image Source : TWITTER/KUMARIDIYAसंभाजी जयंती

संभाजी महाराज जयंती पर ऐसे दें शुभकामनाएं

“ओम” बोलल्याने मनाला शक्ती मिळते,

“साई” बोलल्याने मनाला शक्ती मिळते,
“राम” बोलल्याने पाप मुक्ती मिळते,
“जय संभाजी” बोलल्याने
आम्हाला शंभर वाघांची ताकद मिळते…

संभाजी जयंती
Image Source : TWITTER/RAHULHAMPRASसंभाजी जयंती

हमने सीखा नहीं पीठ दिखाना,
हम तो बस यही जानते है,
सिर्फ इतिहास लिखना।
संभाजी महाराज जयंती की शुभकामनाएं!

संभाजी जयंती
Image Source : TWITTER/JAISH_BHASKAR01संभाजी जयंती

संभाजी जयंती हा एक विशेष प्रसंग आहे कारण या दिवशी देशातील सर्वात खास नायकाचा जन्म झाला होता

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