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1 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है अप्रैल फूल डे, मजेदार है इसके पीछे की कहानी

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 01, 2020 09:52 am IST,  Updated : Apr 01, 2020 11:13 am IST

हर साल अप्रैल महीने की पहली तारीख को अप्रैल फूल डे मनाया जाता है। क्या आपको इसके पीछे का कारण पता है?

April fool day 2020- India TV Hindi
अप्रैल फूल डे 2020

हर साल 1 अप्रैल को दुनिया भर में अप्रैल फूल मनाया जाता है। खासकर यूरोपीय देशों में इसे खासे उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग एक दूसरे के साथ मजाक, प्रेंक और खिंचाई करते हैं। एशियाई देशों में भी अप्रैल फूल मनाया जाता है लेकिन इसे मनाने की परंपरा यूरोप से शुरू हुई थी। लोग इस दिन अपने साथियों औऱ दोस्तों के साथ हल्का मजाक, प्रैंक और बेवकूफ बनाने के खेल खेलते हैं।

april fool day celebration
अप्रैल फूल डे 2020

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अप्रैल फूल डे

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अप्रैल फूल डे

क्या आप जानते हैं कि अप्रैल फूल का दिन एक अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है। किसने चुनी ये तारीख, क्या है इसके पीछे की कहानी। आपको बता दें कि इसके पीछे एक बहुत ही रोचक कहानी छिपी है। आइए आपको बताते हैं कि अप्रैल फूल के पीछे क्या वजह है।

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अप्रैल फूल डे 

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अप्रैल फूल डे

अप्रैल फूल मनाने की परंपरा फ्रांस में राजा के एक अजीबोगरीब फैसले से शुरू हुई थी। दअरसल साल 1582 में यूरोप के राजा पॉप ग्रेगरी 13 ने जनता को​ आदेश दिया कि यूरोपियन देश को जूलियन कैलेंडर को छोड़कर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार चलेगा। इससे बहुत  बड़ा फेरबदल हो गया। जनता ही नहीं राजा और प्रशासन के लिए भी नया साल पूरे तीन माह देर से आने लगा। 

april fool day
अप्रैल फूल डे

जनता को एक जनवरी को ही नया साल मनाने की आदत थी और इसके चलते जनता के बीच विरोध प्रदर्शन हुआ और जनता के एक दूसरे के बीच ही राजा का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। लोग एक दूसरे को राजा बताकर उसके साथ प्रैंक करते, और इससे ही अप्रैल फूल मनाने की परंपरा शुरू हो गई। जिसे कई लोगों ने मानने से इंकार कर दिया, लेकिन नया साल एक अप्रैल को मनाया जाने लगा।

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अप्रैल फूल डे

फ्रांस में अप्रैल फूल डे को फिश डे के नाम से मनाया जाता है। इस दिन बच्चे कागज की मछली बनाकर दूसरे बच्चों की पीठ पर चिपका कर उन्हें बेवकूफ बनाते हैं। जबकि जापान और जर्मनी के लोग इस दिन को प्रैंक डे के रूप में मनाते है। 

एशिया में भी इसे जोरशोर से मनाया जाता है। इस दिन दफ्तरों में भी एक दूसरे को बेवकूफ बनाने की प्रतियोगिता चलती है औऱ बाकायदा पुरस्कार बांटे जाते हैं।

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