दिमाग़ की सेहत के लिए रोज़ाना की अच्छी आदतें अपनाना बहुत ज़रूरी है। डिमेंशिया और याददाश्त से जुड़ी दूसरी समस्याओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिमाग़ की सेहत का ख़्याल रखना और भी अहम हो जाता है। हम आपको कुछ ऐसे आदतों के बारे में बताएंगे जो आपकी याददाश्त को बेहतर बनाने और दिमाग़ की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं:
रोज़ाना कसरत करें: कसरत सिर्फ़ आपके शरीर के लिए नहीं, बल्कि दिमाग़ के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है। नियमित तौर पर एरोबिक एक्सरसाइज़ जैसे तैराकी जॉगिंग, पैदल चलना और साइकिल चलाने से आपकी याददाश्त बेहतर होती है और दिमाग़ की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है।
स्वस्थ खाना खाएं: आपका खान-पान सीधे तौर पर आपके दिमाग़ की सेहत को प्रभावित करता है। अपने खाने में हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड को शामिल करें। एक रिसर्च के मुताबिक, ग्रीन-मेडिटेरेनियन डाइट का पालन करने वाले लोगों में दिमाग़ की उम्र बढ़ने की रफ़्तार धीमी देखी गई है।
तनाव को कम करें: अगर आपके शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर ज़्यादा है, तो यह आपकी याददाश्त को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान और साँस लेने वाली एक्सरसाइज़ करें। इन तरीक़ों से आप अपने दिमाग़ को शांत रख सकते हैं और याददाश्त से जुड़ी समस्याओं को कम कर सकते हैं।
पर्याप्त नींद लें: अच्छी नींद दिमाग़ की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है। जब आप सोते हैं, तो आपका दिमाग़ दिन भर की जानकारियों को इकट्ठा करता है और उन्हें स्थायी यादों में बदलता है। हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। अच्छी नींद के बिना आपका दिमाग़ ठीक से काम नहीं कर पाएगा।
ये आसान और कारगर तरीक़े आपकी याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। आप इनमें से किन आदतों को अपनी ज़िंदगी में शामिल करना चाहेंगे?
संपादक की पसंद