1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. फीचर
  4. आधी अधूरी नींद से शरीर बन जाता है बीमारियों का घर, जानें Sleep Cycle कैसे होगी बेहतर?

आधी अधूरी नींद से शरीर बन जाता है बीमारियों का घर, जानें Sleep Cycle कैसे होगी बेहतर?

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Jul 29, 2025 03:00 pm IST,  Updated : Jul 29, 2025 03:00 pm IST

हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद बेहद ज़रूरी है। जब हमारी स्लीप साइकिल बाधित होती है, तो इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है।

अधूरी नींद के नुकसान,- India TV Hindi
अधूरी नींद के नुकसान, Image Source : SORA AI

आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में पूरी नींद ले पाना कई लोगों के लिए एक चुनौती बन गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आधी-अधूरी नींद शरीर को बीमारियों का घर बना सकती है? हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद बेहद ज़रूरी है। जब हमारी स्लीप साइकिल बाधित होती है, तो इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। आइए जानते हैं कैसे आप अपनी स्लीप साइकिल को बेहतर बना सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं:

अच्छी सेहत के लिए नींद क्यों ज़रूरी है?

जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर और दिमाग खुद को ठीक करते हैं और रीचार्ज होते हैं। नींद के दौरान, शरीर हार्मोन रिलीज़ करता है, कोशिकाओं की मरम्मत करता है, और इम्यून सिस्टम को मज़बूत करता है।

अधूरी नींद से हो सकती हैं ये समस्याएं 

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमज़ोर होना

  • तनाव और चिंता का बढ़ना 

  • डिप्रेशन की तरफ जाना

  • मोटापा का तेजी से बढ़ाना 

  • बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा

  • डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है कई गुना 

स्लीप साइकिल को बेहतर बनाने के तरीके:

  • तय समय पर सोएं: रोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की कोशिश करें, यहाँ तक कि वीकेंड पर भी। ऐसा करने से आपको उस समय अपने आप नींद आने लगेगी। साथ ही रोज़ाना 8 से 9 घंटे की नींद पूरी करें। आधी अधूरी नींद सिर दर्द की वजह भी बनती है।

  • रोजाना एक्सरसाइज़ करें: अगर आप चाहते हैं कि आपको अच्छी नींद आए तो पनि लाइफ स्टाइल में एक्सरसाइज़ को ज़रूर साहिल करें। नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करने से रात को अच्छी नींद आती है और बीच में नींद खुलती भी नहीं है।

  • स्ट्रेस का कम होना है ज़रूरी: तनाव नींद का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसलिए स्ट्रेस को कम करें। यह कम तभी होगा जब आप अपने जीवनशैली में योग, ध्यान, प्राणायाम या अपनी पसंद की कोई भी गतिविधि शामिल करेंगे। पॉज़िटिव सोच भी स्ट्रेस को कम करने में मददगार होती है।

  • स्क्रीन टाइम कर दें कम: सोने से कम से कम 1-2 घंटे पहले मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर या टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बना लें। इन डिवाइस से निकलने वाली नीली रोशनी नींद के हार्मोन के प्रोडक्शन को बाधित करती है।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Features से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल