हेल्थ डेस्क: आगामी 21 जून को चौथे विश्व योग दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे लोग विचारों, कदमों, ज्ञान और समर्पण में बेहतर व्यक्ति बनते हैं। योग शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम ही नहीं है बल्कि यह अच्छे स्वास्थ्य का ‘‘पासपोर्ट’’ है और फिटनेस के लिए अहम है।
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अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग प्राचीन भारतीय संतों की ओर से मानवता को दिया गया बहुमूल्य उपहार है। योग सिर्फ वह नहीं है जो आप सुबह के समय करते हैं। अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों को परिश्रम और पूरी जागरूकता के साथ करना भी योग का ही एक स्वरूप है।''
इन्होंने कहा कि योग रोगों से मुक्ति और अच्छी सेहत की राह, यही योग की राह है। यह हमें दूसरों को अपनी तरह देखने की शिक्षा देता है, योग हमें विचारों, कदमों, ज्ञान और समर्पण में बेहतर व्यक्ति बनाता है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यायाम मस्तिष्क, शरीर एवं बुद्धि के बीच एकता कायम करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम खुद को ज्यादा अच्छे तरीके से समझने लगते हैं, जिससे हमें दूसरों को बेहतर समझने में भी मदद मिलती है।’’
विश्व योग दिवस में इस बार कुछ अलग होगा। जी हां बाबा रामदेव का कहना है कि इस बार योग दिवस पर विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए दो लाख लोग एक साथ योग करेंगे। इतना ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बाबा रामदेव ने तिहाड़ जेल के 11000 कैदियों के साथ योग किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 जून को मोदी देहरादून में एक विशाल योग कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।
वहीं दूसरी ओर इंडिया टीवी के चैयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ये योग को एक महाशक्ति बताया। उन्होंने कहा, 'योग एक ऐसी ताकत है जो पूरे देश को इकट्ठा कर सकती है। यह पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन कर सकती है। इतना ही नहीं अगर भारत को महाशक्ति बनाना है तो योग इसमें बहुत बड़ा योगदान रहेगा'।
उन्होंने बाबा रामदेव के बारें में कहा, 'स्वामी रामदेव ने पूरे विश्व में योग का प्रचार किया। इसे सहज बनाया सरल बनाया। जिससे कारण योग को एक ताकत मिली है'।