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ओवेरियन कैंसर के इन लक्षणों को जरुर जानें, महिलाएं ऐसे करें खुद का बचाव

 Edited By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Sep 23, 2017 11:38 am IST,  Updated : Sep 23, 2017 11:38 am IST

आज पूरे विश्व के साथ भारतीयों में भी कैंसर रोग तेजी से बढ़ रहा है। इस रोग से महिलाएं भी अछूती नहीं है। जानिए इसके लक्षण, क्या है यह और बचने के उपाय...

Ovarian Cancer- India TV Hindi
Ovarian Cancer

हेल्थ डेस्क: आज पूरे विश्व के साथ भारतीयों में भी कैंसर रोग तेजी से बढ़ रहा है। इस रोग से महिलाएं भी अछूती नहीं है। महिलाओं में सबसे अधिक होने वाले कैंसरों में पहले पायदान पर ब्रेस्ट कैंसर, दूसरे पर सर्वाइकल कैंसर और तीसरे नंबर पर ओवेरियन यानी यूटेरस कैंसर आता है। जानकारी का अभाव इस समस्या की गंभीरता को और बढा देता है।

आंकड़ों के अनुसार भारत में तेजी ये ये कैंसर फैल रहा है। ओवेरियन कैंसर आठवां सबसे आम कैंसर है। जिसमें मृत्यु दर के मामले में इसका स्थान पांचवां है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार, एडवांस्ड स्टेज तक पहुंचने और जल्दी मृत्यु होने का मुख्य कारण यह है कि अंतिम समय तक कई महिलाओं में इस बीमारी के लक्षण प्रकट ही नहीं होते। जानिए क्या है ओवेरियन कैंसर, लक्षम और महिलाएं कैसे करें इससे बचाव।

क्या है ओवेरियन कैंसर

डिंबग्रंथि कैंसर से तात्पर्य है अंडाशय में किसी भी तरह के कैंसर का विकास। डिंबग्रंथि का कैंसर अधिकांशत: अंडाशय की बाहरी परत से पैदा होता है। सबसे आम तरह के डिंबग्रंथि कैंसर को एपिथेलियल ओवेरियन कैंसर (ईओसी) कहा जाता है। इसके अन्य प्रकार हैं- ओवेरियन लो मैलिगनेंट पोटेंशियल ट्यूमर (ओएलएमपीटी), जर्म सेल ट्यूमर और सेक्स कॉर्ड-स्ट्रोमल ट्यूमर।

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "डिंबग्रंथि कैंसर अक्सर तब तक पता नहीं चलता, जब तक कि यह कमर और पेट के भीतर तक नहीं फैल जाता। अक्सर इस रोग के लक्षण न तो शुरू में प्रकट होते हैं और न ही अंत में। भूख और वजन की कमी इसके लक्षणों में शामिल है, लेकिन उससे रोग का पता तो हरगिज नहीं चल पाता। वंशानुगत ओवेरियन कैंसर बीआरसीए1 और बीआरसीए2 में उत्परिवर्तन अर्थात म्यूटेशन के कारण होता है।"

उन्होंने कहा, "जब ये जीन सामान्य होते हैं, तब वे प्रोटीन बनाकर इस कैंसर को रोकने का काम करते हैं। लेकिन, माता-पिता में किसी एक से भी मिले जीन में उत्परिवर्तन से यह प्रोटीन कम असरकारक हो जाता है। इससे डिंबग्रंथि कैंसर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।"

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अगली स्लाइड में पढ़ें ओवेरियन कैंसर के लक्षण और बचने के उपाय के बारें में

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