हेल्थ डेस्क: भारत में है और ऐसे मामलों में लगभग 20.3 प्रतिशत रोगी डॉक्टरों से नींद की गोलियां लिखने को कहते हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है। शोध में पता चला है कि कई रोगियों को नींद न आने की शिकायत रहती है, जिसके लिए उनका अत्यधिक व्यस्त कार्यक्रम, रात के समय काम करना और उच्च मानसिक तनाव एक कारण है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) सबसे सामान्य नींद विकारों में से एक है।
Related Stories
जानिए क्या है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया
ओएसए एक विकार है, जिसमें नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रुकावट होती है। इसके कुछ कारणों में अधिक वजन, ऊपरी वायुमार्ग का छोटा होना, जीभ का बड़ा आकार और टॉन्सिल प्रमुख हैं।
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "ओएसए नींद का एक सबसे सामान्य प्रकार है, जिसका एक संकेत है खर्राटे आना। ओएसए की वजह से रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है और नींद में बाधा पड़ने से हृदय रोग का जोखिम पैदा हो जाता है। ओएसए वाले आधे लोगों में उच्च रक्तचाप भी होता है।"
हो सकती है ये समस्याएं
उन्होंने कहा, "यह पुरुषों में अधिक आम है और बुढ़ापे के साथ इसकी संभावना बढ़ जाती है। यह आनुवांशिक भी हो सकता है। कुछ जातियों के लोग दूसरों की तुलना में इससे अधिक ग्रस्त पाए गए हैं। पुरुषों में 17 इंच से अधिक और महिलाओं में 15 इंच से अधिक चौड़ी गर्दन होने पर यह समस्या हो सकती है।"
अगली स्लाइड में पढ़ें लक्षण और ट्रिटमेंट के बारें में