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चैत्र नवरात्र: इस तरह करें कलश स्थापना, जानिए पूरी पूजा विधि

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Mar 17, 2018 01:33 pm IST,  Updated : Mar 17, 2018 07:54 pm IST

18 मार्च चैत्र नवरात्र की शुरूआत हो रही है और 25 मार्च को नवरात्र समाप्त होंगे। इस बार अष्टमी तिथि के क्षय होने से अष्टमी और नवमी तिथि, दोनों 25 मार्च को पड़ रही हैं। जानिए कलश स्थापना करने की सही विधि के बारें में...

navratri 2018
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ऐसे करें पूजा की शुरुआत

सबसे पहले उत्तर-पूर्व कोने की सफाई की और जल छिड़कते समय कहा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे" फिर कोने में मिट्टी या बालू बिछायी। 5 बार मंत्र पढ़ा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
सके ऊपर जौ बिछाया- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
उसके ऊपर फिर मिट्टी या बालू बिछायी- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
उसके ऊपर कलश रखा। मंत्र पढ़ा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"

कलश में जल भरा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
समें सिक्का डाला- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
वरूण का आह्वाहन किया- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
कलश के मुख पर कलावा बांधा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
कलश के ऊपर कटोरी रखी- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
उसमें चावल या जौ भरा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
नारियल पर कपड़ा लपेटा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
से कलावे से बांधा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"

उस नारियल को जौ या चावल से भरी कटोरी पर रखा- "ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे"
इस प्रकार सभी चीजें चामुण्डा मंत्र से ही, यानी नवार्ण मंत्र से अभिपूत की जानी है। आपका कलश स्थापना हो गई है।

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