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Dhanteras 2020: धनतेरस के दिन सोना खरीदने से पहले जान लें शुभ मुहूर्त, तभी मिलेगा फल

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Nov 11, 2020 06:07 pm IST,  Updated : Nov 13, 2020 12:50 am IST

धनतेरस के दिन अगर आप सोने या फिर चांदी की चीज खरीदने की सोच रहे हैं तो उसे खरीदने का शुभ मुहुर्त जरूर जान लें।

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Gold  Image Source : INSTAGRAM/TATI_CHURILA

दिवाली का त्योहार सिर्फ एक दिन का नहीं होता। ये त्योहार पांच दिन का होता है। दिवाली के त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। जैसा ही नाम से ही साफ है धनतेरस। यानी कि इस दिन घर में धन की बरकत होने के लिए लोग सोने चांदी की चीजों के अलावा बर्तन भी खरीदते हैं। वैसे तो हर बार धनतेरस दिवाली से ठीक दो दिन पहले होती है। लेकिन इस बार तिथियों के आधार पर धनतेरस 13 नवंबर को है। ऐसे में अगर आप सोने या फिर चांदी की चीज खरीदने की सोच रहे हैं तो उसे खरीदने का शुभ मुहूर्त जरूर जान लें।

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धनतेरस पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त- सुबह 6 बजकर 42 मिनट से शाम 5 बजकर 59 मिनट तक 

अवधि- 11 घंटे 16 मिनट

धनतेरस की कथा
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवंतरि का जन्म हुआ था। वे अमृत मंथन से उत्पन्न हुए थे। जन्म के समय इनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। यही कारण है कि धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरि को प्रसन्न करने के लिए बर्तन खरीदा जाता है। 

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धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना क्यों है शुभ

धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, कपड़े खरीदते हैं। लेकिन आपने देखा होगा कि सबसे ज्यादा जोर सोना और चांदी पर दिया जाता है। फिर चाहें एक सिक्का ही क्यों न खरीदा जाए। शास्त्रों में एक पीछे एक कथा बताई है।

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कहा जाता है कि हिम नाम का एक राजा था, उसके बेटे को श्राप मिला था कि शादी के चौथे दिन ही उसकी मृत्यु हो जाएगी। जो राजकुमारी हिम के बेटे से प्यार करती थी उसे जब पता चला कि ऐसा है तो उसने शादी तो की लेकिन चौथे दिन पति से जागे रहने को कहा। पति को नींद ना आए इसलिए वो पूरी रात उन्हें कहानियां और गीत सुनाती रही। उसने घर के दरवाजे पर सोना-चांदी और बहुत सारे आभूषण रख दिए। खूब सारे दीए जलाए।

जब यमराज सांप के रूप में हिम के बेटे की जान लेने आए तो इतनी चमक-धमक देखकर अंधे हो गए। सांप घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पाया और आभूषणों के ऊपर बैठकर कहानी और गीत सुनने लगे। ऐसे ही सुबह हो गई और राजकुमार की मृत्यु की घड़ी खत्म हो गई। यमराज को बिना प्राण लिए ही वापस जाना पड़ा। कहा जाता है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से अशुभ चीजें और नकारात्मक शक्तियां घर के अंदर नहीं आ पाती है।

 

 

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