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इस कारण 12 दिसबंर को हो रही है ईशा अंबानी और कपिल शर्मा की शादी

 Written By: Shivani Singh @lastshivani
 Published : Dec 11, 2018 08:06 pm IST,  Updated : Dec 12, 2018 04:53 pm IST

ईशा अंबानी और कपिल शर्मा कर रहे है 12 दिसंबर को शादी, जानें आखिर ये दिन क्यों है खास। जानें पूरी वजह

Kapil Sharma And Isha Ambani- India TV Hindi
Kapil Sharma And Isha Ambani

नई दिल्ली: बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की आनंद पीरामल से 12 दिसंबर को शादी हो रही है। जिसकी प्री वेडिंग सेरेमनी बहुत ही ग्रांड तरीके से की गई है। जिसमें बॉलीवुड स्टार्स सहित हॉलीवुड स्टार्स भी शामिल हुए। जिसके वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे है। वहीं दूसरी ओर कॉमेडियन कपिल शर्मा भी इसी दिन यानी 12 दिसंबर को गिन्नी से शादी कर रहे हैं। जानें आखिर इन 12 दिसंबर इतना खास क्यों है। जिसके कारण इस दिन सबसे ज्यादा शादियां पड़ रही हैं।

मुकेश अंबानी भगवान को लेकर काफी आस्था है। जिसके कारण वह अपनी बेटी की शादी भी बहुत ही ज्यादा शुभ दिन करना चाहते है। जिससे कि उसके दापत्यं जीवन में कभी भी कोई समस्या न आए। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पचंमी पड़ रही है। जो कि 12 दिसंबर को है। इस दिन भगवान राम और सीता का भी विवाह हुआ था। जी हां 12 दिसंबर, बुधवार को विवाह पंचमी पड़ रही है।  इस दिन विवाह करने से कन्या सुहाग अखंड रहता है।

इस बार विवाह पंचमी में बहुत ही शुभ योग है। ज्योतिषचार्य के अनुसार 12 दिसम्बर को चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। मकर का स्वामी ग्रह शनि है। श्रवण का स्वामी शनि है। इसका नक्षत्र मंडल में 22 वां स्थान है। इसमें राजा का राज्याभिषेक तथा विवाह संस्कार शुभ माने जाते हैं। आज शाम 04:36 से कल शाम 07:45 तक सारे काम बनाने वाला रवि योग रहेगा। आपको बता दूं कि हर बार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि आज ही के दिन मिथिला में सीता स्वयंवर जीतकर भगवान श्री राम ने माता सीता से विवाह रचाया था। आज के दिन बहुत से विवाह भी सम्पन्न कराए जाते हैं।

आपको पता है कि श्री राम और माता सीता की लग्म पत्रिका स्वयं ब्रह्मा जी ने की थी। श्रीरामचरित मानस के अनुसार, ग्रह, तिथि, नक्षत्र योग आदि देखकर ब्रह्माजी ने उस पर विचार किया और वह लग्न पत्रिका नारदजी के हाथों राजा जनक को पहुंचाई। शुभ मुहूर्त में श्रीराम की बारात आ गई। श्रीराम व सीता का विवाह संपन्न होने पर राजा जनक और दशरथ बहुत प्रसन्न हुए।

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