भोपाल: सीएम मोहन यादव ने आज 5 चीतों को जंगल में छोड़ा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि कभी एशिया महाद्वीप से विलुप्त हो चुके चीते आज मध्य प्रदेश की पावन धरा पर रफ्तार भर रहे हैं और अपना कुनबा भी बढ़ा रहे हैं। जीव चराचर जंतु समाना की भावना वाले मध्य प्रदेश की धरा अद्भुत है, जो वन्य-जीवों की आश्रय-स्थली बन गई और कई विलुप्तप्राय वन्य-प्राणियों की अठखेलियों का आंगन है।
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सीएम यादव ने कहा कि हम आने वाली पीढ़ियों के लिये वन्य-जीवन को सहेज कर रखने और जैव-विविधता के संरक्षण के लिये प्रतिबद्ध हैं और आगे भी ऐसे नवाचारों के मध्य प्रदेश की पुण्य धरा को गौरवान्वित करते रहेंगे। सीएम ने बुधवार को पालपुर-कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा, धीरा और आशा के 3 शावकों को बाड़े से खुले जंगल में विचरण के लिये मुक्त किया।
कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी: मोहन यादव
सीएम यादव ने कहा कि कूनो की पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 2 चीते खुले जंगल में छोड़े थे, जिससे वन्य जीवन में चीतों की दोबारा बसाहट हुई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज 5 चीतों को जंगल में छोड़ने का अवसर मिला है। मैं प्रदेशवासियों को इसकी बधाई देता हूं।
सीएम यादव ने कहा कि परमात्मा करे कि यह चीते अच्छे से बढ़ें और पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बन सकें। उन्होंने वन्य-जीव संरक्षण और नेशनल पार्क की जैव-विविधता की सुरक्षा में जुटे कर्मियों के समर्पण की सराहना की और उनके कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
सीएम यादव ने कूनो अभयारण्य में ईको-टूरिज्म की पहल को प्रोत्साहित किया। इससे न केवल संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में पुनर्स्थापना के लिये कूनो राष्ट्रीय उद्यान को एक आदर्श वन्य-जीव अभयारण्य बनाया जाये।
कूनो नेशनल पार्क से अभी तक 7 चीतों को जंगल में आजाद छोड़ा गया है। कूनो में वीरा के नये 2 शावकों को मिलाकर कुल 26 चीते हो गये हैं। इन चीतों की मॉनीटरिंग के लिये 2 दल गठित किये गए हैं, जो छोड़े गये शावकों की निगरानी और सुरक्षा करेंगे।