तीर्थनगरी और द्वादश ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में खंडवा जिला प्रशासन ने रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की है। अब मंदिर परिसर में रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत बाबा भोलेनाथ के दर्शन कराए जाएंगे। सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसों में बढ़ती रक्त की मांग को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
क्या है नियम?
दरअसल, रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की है। अब जो भी श्रद्धालु तीर्थनगरी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में रक्तदान करेंगे, उन्हें मंदिर में फ्री वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल की शुरुआत आज मंगलवार से कर दी गई है। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का मानना है, कि आस्था के साथ यदि सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ जाए तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
पहले दिन 13 से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रक्तदान
इस अनूठी पहल के पहले ही दिन 13 से अधिक श्रद्धालुओं ने रक्तदान कर इस अभियान की शुरुआत को सफल बनाया। जिला प्रशासन का लक्ष्य है, कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ें और जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग करें। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी की जिंदगी बचा सकता है। ओंकारेश्वर जैसे प्रमुख तीर्थस्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यदि श्रद्धालु दर्शन के साथ रक्तदान भी करें तो यह समाज के लिए एक बड़ा योगदान होगा।
मंदिर परिसर के पास बना ब्लड डोनेशन काउंटर
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के पास ही जिला अस्पताल द्वारा एक विशेष ब्लड डोनेशन काउंटर तैयार किया गया है। इच्छुक दर्शनार्थियों को जो भीड़–भाड़ से बचना चाहते हैं और VIP दर्शन करना चाहते हैं उन्हें पहले रक्तदान करना होगा, जिसके बाद उन्हें प्रोटोकॉल के तहत फ्री वीआईपी दर्शन कराए जाएंगे। प्रशासन का कहना है, कि यह व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहेगी ताकि रक्तदान प्रक्रिया पूरी तरह चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप हो।
बढ़ती रक्त की मांग को देखते हुए उठाया कदम
खंडवा जिले के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आते हैं। कई बार ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी हादसों का शिकार हो जाते हैं, जिनके इलाज के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष रक्त की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने की यह नई पहल शुरू की है, ताकि आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो।
आस्था और सेवा का अनूठा संगम
ओंकारेश्वर में शुरू की गई यह पहल ईश्वर भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संगम मानी जा रही है। प्रशासन को उम्मीद है, कि यह मॉडल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। दर्शन के साथ यदि श्रद्धालु रक्तदान जैसे महादान से जुड़ते हैं, तो यह न केवल पुण्य का कार्य होगा बल्कि कई जिंदगियां बचाने में भी मददगार साबित होगा। (रिपोर्ट: प्रतीक मिश्रा)
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