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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 8,087 नए मामले, और 88 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,087 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 7,16,708 तक पहुंच गयी।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : May 14, 2021 10:17 pm IST, Updated : May 14, 2021 10:17 pm IST
MP sees 8,087 COVID-19 cases, 88 deaths; 11,671 recover- India TV Hindi
Image Source : PTI मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,087 नए मामले सामने आए।

भोपाल: मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,087 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 7,16,708 तक पहुंच गयी। मध्य प्रदेश में यह लगातार पांचवां दिन है जब कोविड-19 के 10,000 से कम नये मामले आये हैं। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 88 व्यक्तियों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 6,841 हो गयी है। 

मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को कोविड-19 के 1559 नये मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 1243, ग्वालियर में 497 एवं जबलपुर में 564 नये मामले आये। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 7,16,708 संक्रमितों में से अब तक 6,05,423 मरीज स्वस्थ हो गये हैं और 1,04,444 मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कोविड-19 के 11,671 रोगी स्वस्थ हुए हैं।

वहीं, दमोह में कोविड-19 से मुक्त हुए चार व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस का संक्रमण पाया गया है। कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस संक्रमण के मामले आ रहे हैं, जिसे 'ब्लैक फंगस' के नाम से जाना जाता है। हालांकि, ये बहुत ही कम लोगों में आ रहे हैं। यह एक गंभीर लेकिन दुर्लभ फंगस संक्रमण है। दमोह जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश राय ने बताया, ‘‘दमोह जिले में अभी तक ऐसे चार मरीज सामने आए हैं, जो ‘ब्लैक फंगस’ संक्रमण का शिकार हुए हैं।’’ 

उन्होंने बताया कि इन मरीजों को नागपुर, जबलपुर ,भोपाल और इंदौर भेजा गया है। वहीं, इस संबंध में दमोह जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संगीता त्रिवेदी ने कहा कि ‘ब्लैक फंगस’ रोकने के लिए एम्फोटिसिरिन बी 50 एमजी इंजेक्शन की जरूरत होती है, लेकिन यह इंजेक्शन फिलहाल दमोह में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर भेजा गया है।’’ 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साइनस की परेशानी, नाक का बंद हो जाना, दांतों का अचानक टूटना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, नाक से काले रंग का पानी निकलना या खून बहना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना म्यूकरमाइकोसिस के लक्षण हैं। महाराष्ट्र एवं गुजरात में कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्तियों में म्यूकरमाइकोसिस के अब तक कई मामले सामने आये हैं, जिसके चलते कई रोगी दृष्टिहीन हो गए हैं या उन्हें अन्य गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। 

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