खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक मुस्लिम युवक ने बकरीद की कुर्बानी से आहत होकर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। मामला जिले के महादेवगढ़ मंदिर का है, जहां मुस्लिम युवक ने सनातन धर्म अपना लिया। युवक ने बाकायदा अपना सिर मुंडवाकर अनुष्ठान के माध्यम से सनातन धर्म को स्वीकार किया। युवक ने अपना नाम बिलाल ने 'विशाल' कर लिया है। उसका कहना है कि उसने अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की है।
बचपन की टीस बनी वैराग्य की वजह
खिरकिया के रहने वाले बिलाल के इस सफरनामे के पीछे एक लंबी मानसिक कशमकश और हृदय परिवर्तन की कहानी है। बिलाल ने महादेवगढ़ के प्रमुख अशोक पालीवाल के सामने अपनी कहानी बताई और कहा कि वह अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है। उसने बताया कि वह बचपन से ही इस्लाम धर्म में बकरीद के त्योहार पर होने वाले बड़े पैमाने पर मूक पशुओं के कत्लेआम से बेहद आहत था। त्योहार के नाम पर बेजुबान जानवरों की बेरहमी से की जाने वाली हत्याएं उसके संवेदनशील मन को झकझोर देती थीं। समय के साथ यह आहत भाव इतना गहरा गया कि उसने सनातन धर्म अपनाने का निश्चय कर लिया।
बकरीद की कुर्बानी ने बिलाल को बनाया 'विशाल'
युवक ने बताया कि वह काफी समय से खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर की महिमा के बारे में सुन रहा था। हाल ही में दो दिन पहले जब पूरे देश में बकरीद का त्योहार मनाया गया, तब वहां दी गई पशुओं की कुर्बानी को देखकर उसका दिल पूरी तरह टूट गया। इसी दौरान उसने पुरुषोत्तम मास की मान्यता के बारे में सुना। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में भगवान स्वयं धरती पर आकर विराजते हैं, जिसके बाद उसने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया।
10 विधि स्नान और पंचगव्य से हुआ शुद्धिकरण
महादेवगढ़ में बिलाल की घर वापसी के लिए एक बेहद भव्य और विधि-विधान पूर्वक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपनयन संस्कार के इस पावन अनुष्ठान में '10 विधि स्नान' कराया गया। इस शुद्धिकरण प्रक्रिया में युवक को गंगाजल, गो-दुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ-गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और कोष से स्नान कराया गया। सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच उसकी घर वापसी संपन्न हुई।
महाआरती के जयकारों से गूंजा मंदिर
इस मौके पर महादेवगढ़ में सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्म के कार्यकर्ता और आम श्रद्धालु मौजूद रहे। शुद्धिकरण और उपनयन संस्कार के बाद भगवान महादेव की भव्य महाआरती की गई। पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय श्री राम' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशाल को सनातन जीवन पद्धति को समझने और सही मार्ग पर चलने के लिए पवित्र ग्रंथ 'रामायण' भेंट की गई। बिलाल से विशाल बने युवक ने अब पूरी तरह से हिंदुत्व की राह पर चलने का संकल्प लिया है। (इनपुट- प्रतीक मिश्रा)
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