मुंबई: देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे का नाम अब बदलने जा रहा है। जी हां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि IIT बॉम्बे का नाम बदलकर अब IIT मुंबई कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्री को एक रिक्वेस्ट लेटर लिखेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा करते हुए कुछ लोग आसानी से रिक्वेस्ट या इस पर राजनीति करते हैं कि जो विदेशी स्कूलों में अपने बच्चे पढ़ाते हैं, उनके नाम भी बदल दिए जाएं। लेकिन मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता। फडणवीस का बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनावों की सरगर्मी बढ़ चुकी है।
और क्या बोले फडणवीस?
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमारे लिए बॉम्बे नहीं बल्कि मुंबई है और बॉम्बे को मुंबई बनाने में सबसे बड़ा रोल BJP नेता रामाभाई नाइक का रहा है। ऐसे में IIT बॉम्बे का नाम IIT मुंबई कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बॉम्बे का नामोनिशान मिट जाना चाहिए। मुंबई को वहीं आना चाहिए जहां भी बॉम्बे है। बता दें कि बॉम्बे पहले एकीकृत राज्य महाराष्ट्र और गुजरात की संयुक्त राजधानी थी। बॉम्बे से अलग होकर ही दोनों राज्य बने हैं।
आईआईटी बॉम्बे की आधारशिला 1958 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी। 1961 में संसद ने इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिया था। इस संस्थान ने की गिनती देश के प्रतिष्ठित टेक्निकल कॉलेजों में होती है। बता दें कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को भी पहले बॉम्बे के नाम से ही जाना जाता था लेकिन 4 मार्च, 1995 को इसका नाम बॉम्बे से बदलकर मुंबई किया गया।
बॉम्बे शब्द कहां से आया?
बॉम्बे शब्द का मूल रूप से पुर्तगालियों से आया है। 16वीं शताब्दी में जब पुर्तगाली भारत आए, तो उन्होंने सात द्वीपों के इस समूह को देखा जहां स्थानीय मछुआरे (कोली समुदाय) "मुंबा" या "महा-अंबा" नाम की देवी (मुंबादेवी) की पूजा करते थे। साथ ही वहां एक अच्छी खाड़ी (bay) थी। पुर्तगाली भाषा में:"बॉम" (bom) का मतलब "अच्छा" "बाहिया" (bahia) का मतलब "खाड़ी" होता है। इसलिए पुर्तगालियों ने इस जगह को "Bombaim" या "Bom Bahia" (अर्थात "अच्छी खाड़ी") नाम दिया। समय के साथ इसके नाम में बदलाव हुआ और यह शब्द बॉम्बे बन गया। 1995 में महाराष्ट्र सरकार ने इसका नाम बदलकर मुंबई कर दिया।